मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में लगेंगी सैनेटरी नैपकिन मशीनें | विज्ञान | DW | 08.11.2019
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विज्ञान

मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में लगेंगी सैनेटरी नैपकिन मशीनें

कॉलेज में क्लास के दौरान जब पीरियड्स शुरू हो जाएं तो लड़कियों के लिए काफी मुश्किल खड़ी हो जाती है. ऐसे में अगर कॉलेज परिसर में ही वेंडिंग मशीन लगी हो, तो चिंता कम हो सकेगी.

मध्य प्रदेश में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की कड़ी में राज्य के सरकारी कन्या महाविद्यालयों में सैनेटरी नैपकिन मशीनें लगाने का निर्णय लिया गया है. इस निर्णय के बाद छात्राओं और कर्मचारियों को सैनेटरी नैपकीन पाने और उन्हें नष्ट करने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा क्योंकि उन्हें यह सुविधा जल्दी ही कॉलेज परिसर में ही मिलने लगेगी. राज्य के 73 कन्या महाविद्यालयों में सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जानी हैं. सूत्रों के अनुसार, विश्व बैंक पोषित मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन परियोजना के तहत राज्य के 73 कन्या महाविद्यालयों में सैनेटरी नैपकिन इंसीनरेटर और सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाए जाने को हरी झंडी दे दी गई है. इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग के अपर आयुक्त वेद प्रकाश ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों को अनुमति भी दे दी है.

भारतीय परिवेश में कम उम्र की किशोरियां हो या अन्य युवतियां, वे अपनी निजी समस्याओं पर खुलकर बात करने में झिझकती हैं और अपनी स्वच्छता जैसे मसले में भी संकोच करती हैं. यही कारण है कि महिलाएं तमाम ऐसे रोगों की जद में आ जाती हैं, जिसे स्वच्छता के जरिए रोका जा सकता है. कन्या महाविद्यालयों में सैनेटरी नैपकिन की सुविधा होने पर बड़ी संख्या में छात्राएं इनका बेहतर और समय पर उपयोग कर सकेंगी.

राजधानी भोपाल के तीन कन्या महाविद्यालयों सहित राज्य के 73 महाविद्यालयों में ये मशीनें लगने वाली हैं. एक महाविद्यालय की एक छात्रा का कहना है कि कई बार उन्हें विषम परिस्थिति का सामना करना होता था लेकिन यदि महाविद्यालय में ही सैनेटरी नैपकिन मिलने लगेंगे और उन्हें नष्ट करने की सुविधा होगी तो यह उनके लिए बड़ी राहत की बात होगी. उनका कहना है कि इसी तरह की सुविधा रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी हो तो और भी अच्छा होगा.

आईएएनएस/आईबी

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