मध्यस्थता के लिए ईरान पहुंचे लूला दा सिल्वा | ताना बाना | DW | 16.05.2010
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

ताना बाना

मध्यस्थता के लिए ईरान पहुंचे लूला दा सिल्वा

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा रविवार को तेहरान में परमाणु विवाद में मध्यस्थता वार्ता कर रहे हैं. ईरान सरकार ने विदेश में यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर कथित समझौते की घोषणा की है लेकिन ज़्यादा जानकारी नहीं दी.

default

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइस इनाशियो लूला दा सिल्वा परमाणु विवाद में मध्यस्थता प्रयासों के लिए तेहरान पहुंचे हैं. राष्ट्रपति और उनके 300 सदस्यों वाले प्रतिनिधि मंडल का तेहरान हवाई अड्डे पर विदेश मंत्री मनुशेर मोट्टाकी ने स्वागत किया.

Iran Natanz

मॉस्को से तेहरान रवाना होने पर लूला दा सिल्वा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को पश्चिम के साथ समझौते के लिए मना लेंगे. ब्राज़ील के राष्ट्रपति ने बार बार परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के ईरान के अधिकार की ओर ध्यान दिलाया है.

लूला के मॉस्को दौरे पर प्रधानमंत्री व्लादीमिर पुतिन ने उनके मध्यस्थता प्रयास को ईरान के साथ विवाद में समझौते का अंतिम मौक़ा बताया. अमेरिका और रूस पहले ही कह चुके हैं कि समझौते की उम्मीद कम है. तुर्क विदेश मंत्री अहमद दावुतोगलू भी तेहरान जा रहे हैं. सुरक्षा परिषद के ग़ैर स्थायी सदस्य ब्राज़ील, तुर्की और लेबनान अब तक और कड़े प्रतिबंध लागू करने के अमेरिका के इरादे का विरोध करते रहे हैं.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रमीन मेहमानपरस्त ने कहा है कि यूरेनियम संवर्धन के समय और उसकी मात्रा पर सहमति हो गई है. प्रवक्ता ने इसके बारे में कुछ नहीं बताया कि किस देश के साथ यूरेनियम संवर्धन के बारे में सहमति हुई है.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए ने पिछले साल अक्टूबर में प्रस्ताव दिया था कि ईरान 3.5 फ़ीसदी संवर्धित यूरेनियम को और संवर्धन के लिए विदेश ले जा सकता है. इस पदार्थ के रूस में 20 फ़ीसदी संवर्धन और उसके बाद फ़्रांस में उसे ईंधन रॉड के रूप में ढ़ालने की योजना थी.

ईरान इस प्रस्ताव को मानने के लिए तभी तैयार था जब कम संवर्धित यूरेनियम और उच्च संवर्धित यूरेनियम का आदान प्रदान एक साथ होता या आदान प्रदान क्रमिक रूप से कम मात्रा में होता. लेकिन पश्चिमी देश इसके लिए तैयार नहीं थे.

ईरान का कहना है कि उसे 20 फ़ीसदी संवर्धित यूरेनियम तेहरान में स्थित चिकित्सीय परमाणु रिएक्टर के लिए चाहिए. पश्चिमी देशों को शक है कि ईरान गुपचुप परमाणु हथियार बना रहा है. परमाणु हथियार बनाने के लिए 80 से 90 फ़ीसदी संवर्धित यूरेनियम चाहिए.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: एस गौड़

संबंधित सामग्री

विज्ञापन