मंथन में एक्स्ट्रीम स्पोर्ट्स के शौकीन | मंथन | DW | 09.08.2014
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

मंथन

मंथन में एक्स्ट्रीम स्पोर्ट्स के शौकीन

ब्रिटेन के टॉम रैंडेल और पीट विटेकर एक्स्ट्रीम स्पोर्ट्स की दुनिया के बेहतरीन क्लाइंबर्स में गिने जाते हैं. पहाड़ों की दरारों में हाथ-पैर घुसा कर ऊपर चढ़ना इनकी खासियत है. मंथन में इस बार इन पर रोमांचक रिपोर्ट.

ये दोनों दोस्त जिन चट्टानों पर चढ़ते हैं, उनकी दरारें इतनी छोटी होती हैं कि ठीक से दिखाई भी नहीं पड़ती. लेकिन इन्हें खतरों से खेलने का शौक है और इसके लिए ये कड़ी ट्रेनिंग करते हैं. ब्रिटेन के टॉम रैंडेल और पीट विटेकर कहते हैं कि जब लोग उन्हें कोई जोखिम उठाने से मना करते हैं, तो उन्हें वही कर के दिखाने में और भी ज्यादा मजा आता है.

वैकल्पिक ऊर्जा की जरूरत

2018 से जर्मनी में कोयले की खदानें पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी. पत्थर के कोयले से अगर बिजली उत्पादन भी नहीं किया गया तो फिर इन बंद हुई खदानों का क्या होगा? रिसर्चरों ने कई साल से बंद पड़ी खदानों से प्राकृतिक ऊर्जा हासिल करने का एक खास कंसेप्ट तैयार किया है. कुछ जगहों पर तो इनका इस्तेमाल भी हो रहा है. मंथन में दिखाएंगे आपको कि ऐसा कैसे किया जा रहा है.

ऊर्जा के प्राकृतिक संसाधन लगातार कम हो रहे हैं. पेट्रोल, डीजल या कोयले का भंडार असीमित नहीं है, दूसरी ओर इन पर निर्भरता खर्च भी बढ़ा रही है, जिनका बोझ उठाना बहुत सी सरकारों के लिए मुश्किल होता जा रहा है. इस बार स्टूडियो में हमारे साथ होंगे अनवर जमाल अशरफ जो वैकल्पिक ऊर्जा की जरूरतों और उसके लिए हो रहे प्रयासों पर रोशनी डालेंगे.

प्रिंट होंगे घर

3डी प्रिंटर की तकनीक जबसे बाजार में आई है, एक से एक बेहतरीन आइडिया भी सामने आते रहे हैं. अब डिजाइनर खिलौनों से लेकर खाने तक कई चीजें प्रिंटर से छप कर निकल रही हैं. वो दिन भी दूर नहीं लगता जब हम कह सकेंगे कि मेरा घर फलां कंस्ट्रक्टर ने छापा है. या फिर मैंने अपने घर की छपाई खुद की है. खंबों और कमरों की प्रिंटिंग वाकई शुरू हो गई है, कैसे बन रहे हैं ये घर, जानें मंथन के इस अंक में.

रोबोट वाले तबेले

दूध पाने के लिए दुनिया भर में गाएं पाली जाती हैं. लेकिन काम बढ़ रहा है और जर्मनी में ऐसे बड़े तबेले लगातार कम हो रहे हैं, जिन्हें पहले परिवार चलाते थे. आजकल गोशालाएं भी हाईटेक हो गई हैं. बड़े व्यवसायी अपनी बड़ी बड़ी गोशालाओं में जानवरों की देखभाल के लिए लोग नहीं, बल्कि रोबोट रख रहे हैं. एक ऐसी ही हाईटैक गोशाला में ले चलेंगे आपको इस बार मंथन में शनिवार सुबह 10.30 बजे डीडी नेशनल पर.

आईबी/एएम

DW.COM