मंगल ग्रह पर एक साल बिताने का तजुर्बा लेना चाहें तो यहां आवेदन कर सकते हैं | दुनिया | DW | 09.08.2021
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

दुनिया

मंगल ग्रह पर एक साल बिताने का तजुर्बा लेना चाहें तो यहां आवेदन कर सकते हैं

नासा ने अमेरिका में एक ऐसी जगह बनाई है जहां मंगल ग्रह के जैसे हालात बनाए गए हैं. संस्था को वहां एक साल बिताने के लिए वॉलंटियरों की तलाश है.

मंगल ग्रह पर पूरा एक साल बिताना कैसा लगेगा? अगर आप यह जानने के साथ साथ इसका तजुर्बा लेने के इच्छुक हैं, तो नासा के पास आपके लिए एक नौकरी है. मंगल पर अंतरिक्ष यात्री भेजने की तैयारी करने के लिए नासा ने 1,700 वर्ग फीट की एक जगह बनाई है जहां मंगल के हालात की नकल की गई है. संस्था को इसमें एक साल बिताने के लिए चार लोगों की तलाश है और इसके लिए उसने आवेदन लेने शुरू कर दिए हैं.

हयूस्टन स्थित जॉनसन अंतरिक्ष केंद्र में थ्रीडी प्रिंटर की मदद से बनाई गई इस जगह का नाम मार्स ड्यून ऐल्फा है. कार्यक्रम के साथ जुड़ने वाले लोगों को यहीं साल भर बिताना होगा. इस दौरान यहां एक पूरे खोजी मिशन की नकल की जाएगी. इनमें स्पेसवॉक, परिवार वालों से सीमित बातचीत, प्रतिबंधित खाना और संसाधन और उपकरणों का विफल होना भी शामिल है.

अगले साल होगी शुरुआत

नासा की योजना ऐसे तीन प्रयोग करने की है, जिनमें से पहला अगले साल शरद ऋतु में शुरू होगा. सारा खाना अंतरिक्ष में खाया जाने वाला रेडी-टू-ईट खाना होगा. अभी तक तो वहां कोई खिड़की बनाने की भी योजना नहीं है. कुछ पौधे जरूर उगाए जाएंगे, लेकिन वो आलू नहीं होंगे, जैसा कि "द मार्शियन" फिल्म में दिखाया गया था.

Mars-Rover Perseverance

मंगल ग्रह पर परसेवेरंस मार्स रोवर और उसके पीछे इन्जेन्युइटी हेलीकाप्टर

मुख्य वैज्ञानिक ग्रेस डगलस ने बताया, "हम यह जानना चाहते हैं कि इन हालात में इंसानों का प्रदर्शन कैसा रहता है. हम मंगल ग्रह जैसे हालात बनाने की कोशिश कर रहे हैं." आवेदन प्रक्रिया खुल तो गई है लेकिन नासा को किसी आम इंसान की तलाश नहीं है. योग्यता के लिए शर्तें कड़ी हैं, जिनमें विज्ञान, इंजीनियरिंग या गणित में मास्टर्स की डिग्री या बतौर पायलट तजुर्बा होना जरूरी है.

सिर्फ अमेरिकी नागरिक या अमेरिका के स्थायी निवासी आवेदन कर सकते हैं. आवेदकों की उम्र 30 से 55 साल के बीच होनी चाहिए. उन्हें स्वस्थ होना चाहिए, भोजन से जुड़ी किसी समस्या से पीड़ित नहीं होना चाहिए और उन्हें गति से संबंधित कोई तकलीफ भी नहीं होनी चाहिए. कनाडा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री क्रिस हैडफील्ड का कहना है कि इसका मतलब है कि नासा अंतरिक्ष यात्री जैसे लोगों को ही खोज रहा है.

सही उम्मीदवार जरूरी

उनका कहना है कि यह अच्छी ही बात है क्योंकि अगर प्रयोग में ऐसे लोग शामिल हों जैसे बाद में वाकई मंगल ग्रह पर जाएंगे तो प्रयोग बेहतर होगा. उन्होंने बताया कि रूस ने इस तरह का प्रयोग "मार्स 500" के नाम से इसके पहले किया है लेकिन वो इसलिए सफल नहीं रहा क्योंकि उसमें आम लोग थे. 2013 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में पांच महीने बिताने वाले हैडफील्ड ने कहा कि सही उम्मीदवार के लिए यह बहुत बढ़िया अवसर है.

BdTD Tschechien | Aufblasbares Modell des Planeten Mars

चेक गणराज्य में मंगल ग्रह का एक हवा भरने वाला भीमकाय मॉडल

उन्होंने कहा, "जरा सोचिए आप इस समय में कितना नेटफ्लिक्स देख सकते हैं. अगर वहां एक वाद्य यंत्र रखा जाए और अगर आप चाहें तो आप वहां से समारोह में संगीत बजाने वाले संगीतज्ञ बन कर बाहर निकल सकते हैं." हैडफील्ड का मानना है कि "आपके सामान्य जीवन की मांगों से दूर एक साल" में "अविश्वसनीय आजादी" हो सकती है. उन्होंने बताया कि आपका नजरिया सबसे जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम में हिस्सा लेने वालों को मैट डेमन द्वारा अभिनीत "द मार्शियन" फिल्म के किरदार जैसा होना चाहिए: "काफी सक्षम, युक्ति-संपन्न और आराम महसूस करने के लिए दूसरों पर निर्भर ना रहने वाला."

सीके/एए (एपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री