भारत को पाकिस्तानी नियंत्रण वाले कश्मीर पर नियंत्रण की उम्मीद | भारत | DW | 18.09.2019
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भारत

भारत को पाकिस्तानी नियंत्रण वाले कश्मीर पर नियंत्रण की उम्मीद

भारतीय विदेश मंत्री का कहना है कि कश्मीर के जिस हिस्से पर आज पाकिस्तान का नियंत्रण है वह भारत का है और उन्हें उम्मीद है कि भारत एक दिन उसे अपने कब्जे में ले लेगा.

कश्मीर की ज्यादातर आबादी जिस इलाके में रहती है उस पर भारत का नियंत्रण है. उधर पाकिस्तान के नियंत्रण में कश्मीर का पश्चिमी हिस्सा है जिसे पाकिस्तान आजाद कश्मीर और भारत पाक अधिकृत कश्मीर बुलाता है. भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक न्यूज कांफ्रेंस के दौरान कहा, "पीओके(पाकिस्तान ऑक्युपाइड कश्मीर) पर हमारी स्थिति हमेशा से एकदम साफ रही है. पीओके भारत का हिस्सा है और हम उम्मीद करते हैं कि एक दिन उस पर हमारा अधिकार होगा, उस पर भौतिक रूप से हमारा अधिकार होगा."

पिछले महीने भारत ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर उसे दो हिस्सों में विभाजित कर दिया. इस घटना के बाद से पाकिस्तान में कश्मीर को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और नाराजगी जताई जा रही है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर भारतीय विदेश मंत्री के बयान की निंदा की है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है, "एक कब्जा करने वाले राज्य की तरफ से इस तरह का गैरजिम्मेदाराना और युद्धकारी बयान तनाव को और भड़काएगा और इलाके में शांति और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाएगा. पाकिस्तान शांति चाहता है लेकिन किसी भी आक्रामक गतिविधि का असरदार जवाब देने के लिए तैयार है."

भारतीय विदेश मंत्री का कहना है कि जम्मू कश्मीर के विशेषाधिकार का मसला भारत का अंदरूनी मामला है.

बीते महीने की 5 तारीख को भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किया था. इसके बाद से पाकिस्तान लगातार कोशिश में है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस बारे में चर्चा हो. हालांकि अब तक उसे कोई खास कामयाबी मिलती नहीं दिख रही है. अमेरिका समेत तमाम देशों ने दोनों देशों को आपस में इस मसले को सुलझाने की सलाह दी है. यहां तक कि मुस्लिम देशों ने भी पाकिस्तान की कोशिशों में कोई रुचि नहीं दिखाई है. चीन ने जरूर इस मामले में पाकिस्तान का समर्थन किया है.

दोनों देशों के नेता बयानबाजी कर रहे हैं हालांकि इस बीच कश्मीर बीते 42 दिनों से कर्फ्यू की स्थिति में है. यहां के राजनीतिक नेता भी सरकार की हिरासत में है. दो दिन पहले नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला को पीएसए एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया. इस एक्ट के तहत गिरफ्तारी की स्थिति में सरकार बिना मुकदमा चलाए दो साल तक किसी भी नागरिक को बंदी बना सकती है.

भारत के गृह राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि इन नेताओं को 18 महीने से पहले रिहा कर दिया जाएगा. भारतीय अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक जितेंद्र सिंह का कहना है कि मीडिया अकसर यह सवाल करती है कि नेताओं को कब रिहा किया जाएगा, इसके जवाब में वह हमेशा कहते हैं, "18 महीने से पहले."

जम्मू कश्मीर के नेताओं के बारे में पहली बार भारत सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने इस तरह का बयान दिया है. भारत में जब आपातकाल लगा था तब इसी तरह नेताओं को लंबे समय के लिए जेल में बिना मुकदमा चलाए डाल दिया गया था.

रिपोर्ट: निखिल रंजन(रॉयटर्स)

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