भविष्य की सुपरसोनिक सवारी ′हाइपरलूप वन′ | विज्ञान | DW | 13.05.2016
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विज्ञान

भविष्य की सुपरसोनिक सवारी 'हाइपरलूप वन'

सुपरसोनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम 'हाइपरलूप वन' ने पहले सफल टेस्ट के दौरान 4 सेंकेड में पकड़ी 100 मील प्रति घंटा से भी तेज रफ्तार. अभी देखिए भविष्य की एक झलक...

हाइपरलूप वन, अमेरिका के लॉस एंजेलिस में स्थित एक स्टार्टअप की रचना है. वे अमेरिका के टेक अरबपति एलॉन मस्क के पाइप ड्रीम को सच कर दिखाने पर काम कर रहे हैं. 11 मई को नेवादा के रेगिस्तान में भविष्य के इस सुपरसोनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के प्रोटोटाइप का सार्वजनिक प्रदर्शन और परीक्षण किया गया.

इसे देखने वहां पहुंचने वालों में मीडिया के अलावा अमीर निवेशकों, ट्रांसपोर्ट क्षेत्र के विशेषज्ञों और नेताओं की भी रुचि दिखी. करीब 10 फुट लंबी एक स्लेज जैसी संरचना को एक ट्रेन ट्रैक जैसे पथ पर चलाया गया. इस छोटी सी यात्रा के अंत में इस नई गाड़ी को बालू से टीले से टकराकर रोका गया. इसी के साथ भविष्य में वैश्विक ट्रांसपोर्ट में क्रांति ला सकने वाली एक नई तकनीक का सफल परीक्षण हुआ.

Hyperloop Transportsystem Projekt von SpaceX & Elon Musk

पॉड जैसी संरचना जिसमें भविष्य में यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी.

शुरु में ट्रेन ट्रैक पर एक आम गाड़ी की तरह चलने वाली इस गाड़ी ने 105 मील प्रति घंटा की तेज रफ्तार तब पकड़ी जब ट्रैक की कॉपर की कुंडलियों में बिजली दौड़ाई गई.

Hyperloop Transportsystem Projekt von SpaceX & Elon Musk

कॉपर लूप लगी पटरियां



एक सुपरसोनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का विचार देने वाले मस्क के आइडिया पर विश्व की कई कंपनियां काम कर रही हैं. सभी जल्द से जल्द इसे सच कर दिखाना चाहती हैं. हाइपरलूप वन के सफल परीक्षण से उम्मीद जगी है कि भविष्य में ट्यूब के अंदर भागने वाले बेहद हाईस्पीड पॉड बनाए जा सकेंगे. इन सुपरसोनिक स्पीड से चलने वाली गाड़ियों से सैन फ्रैंसिस्को से लॉस एंजेलिस की दूरी मात्र 30 मिनट में तय किए जा सकने का अनुमान है. अगर ऐसी गाड़ी भारत में चले तो समझिए कि आप दिल्ली से लखनऊ केवल आधे घंटे में पहुंच सकेंगे.

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