ब्राजील ने किया अपने ′ट्रंप′ का चुनाव | दुनिया | DW | 29.10.2018
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दुनिया

ब्राजील ने किया अपने 'ट्रंप' का चुनाव

'ट्रॉपिकल ट्रंप’ के नाम से प्रसिद्ध जाइर बोलसोनारो ब्राजील के नए राष्ट्रपति चुने गए हैं. सेना के पूर्व कैप्टन बोलसोनारो की जीत के बाद ब्राजील उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जहां दक्षिणपंथी सत्ता में हैं.

ब्राजील में राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के बाद बोलसोनारो ने विशाल लैटिन अमेरिकी देश की दिशा-दशा में बुनियादी बदलाव लाने का वादा किया है. ब्राजील की पूर्व सैन्य तानाशाही द्वारा दी गई यातना के इस्तेमाल को खुला समर्थन देने, महिला द्वेषी, नस्ली भेदभाव और समलैंगिकों के प्रति पूर्वाग्रह वाले बयान देने पर लोगों की आलोचना झेलने के बावजूद बोलसोनारो भ्रष्टाचार, अपराध और अर्थव्यवस्था की खस्ता हालत के खिलाफ मतदाताओं के आक्रोश को अपने पक्ष में करने में कामयाब रहे. नतीजों के अनुसार विवादों में घिरे बोलसोनारो को चुनाव में 55.13 फीसदी मत प्राप्त हुए जबकि उनके वामपंथी प्रतिद्वंद्वी फर्नांडो हद्दाद को 44.87 फीसदी मत मिले. 63 वर्षीय बोलसोनारो 1 जनवरी, 2019 को पद संभालेंगे.

फेसबुक का किया खूब इस्तेमाल

बोलसोनारो ने जीत के बाद अपने भाषण में कहा, ''हम मिलकर ब्राजील की किस्मत बदलेंगे.'' इस भाषण का उनके घर से फेसबुक पर लाइव प्रसारण किया गया. बीते 6 सितंबर को एक रैली के दौरान एक हमलावर ने उनके पेट में छुरा घोंप दिया था. इसके बाद से ही वह फेसबुक का इस्तेमाल अपने प्रचार अभियान के लिए कर रहे थे.

नव निर्वाचित राष्ट्रपति के विजयी भाषण के दौरान उनकी पत्नी भी साथ बैठी थीं. बोलसोनारो ने सख्त लहजे में अपना भाषण दिया और 'बाइबिल और संविधान' का पालन करते हुए शासन करने का संकल्प जताया. उन्होंने कहा, ''हम साम्यवाद, समाजवाद, लोकलुभावनवाद और वामपंथी उग्रवाद के साथ आगे बढ़ना जारी नहीं रख सकते.''

सैन्य तानाशाही का समर्थन

उन्होंने 'संविधान, लोकतंत्र और स्वतंत्रता' की रक्षा करने का वादा किया. उन्होंने 1964-85 के बीच ब्राजील की बर्बर सैन्य तानाशाही की खुली प्रशंसा करने के बाद विपक्ष की उन आशंकाओं को दूर करने की कोशिश की कि वह अधिनायकवाद की ओर बढ़ेंगे. जीत की घोषणा के बाद हजारों समर्थक रियो दे जनेरो स्थित बोलसोनारो के घर के बाहर आ गए. उनके हाथों में ब्राजील के झंडे थे और उन्होंने जमकर आतिशबाजी की. पेशे से व्यापारी 38 वर्षीय आंद्रे लुइस लोबो ने कहा, ''ये सभी लोग भ्रष्टाचार और अपराध से आक्रोशित और नाराज हैं और हम बोलसोनारो के साथ हैं. लोगों ने आवाज उठाई है. मुझे पहली बार लग रहा है कि मेरा प्रतिनिधित्व हुआ है.''

एक ओर बोलसोनारो की जीत पर आशंकाएं हैं तो उन्हें बधाईयां भी मिली हैं. व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बोलसोनारो को फोन पर बधाई दी. राष्ट्रपति की प्रवक्ता सैरा सैंडर्स ने कहा, ''दोनों ने साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई ताकि अमेरिका और ब्राजील के लोगों के जीवन में सुधार हो.'' ब्राजील में "ट्रॉपिकल ट्रंप" के नाम से मशहूर बोलसोनारो ने सार्वजनिक तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रशंसा की है.

हद्दाद समर्थकों में निराशा

दूसरी ओर बोलसोनारो के प्रतिद्वंद्वी हद्दाद के समर्थकों में निराशा दिखी. साओ पाउलो के पूर्व मेयर हद्दाद ने कहा कि वह उन साढ़े चार करोड़ लोगों की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लड़ेंगे जिन्होंने उनके लिये मतदान किया है. बोलसोनारो ने प्रचार के दौरान ब्राजील के वामपंथियों का सफाया करने की बात कही थी. हद्दाद के सहयोगियों ने बताया कि 55 वर्षीय हद्दाद ने बोलसोनारो को बधाई देने के लिये फोन नहीं किया.

साओ पाउलो में हद्दाद की वर्कर्स पार्टी के मुख्यालय पर निराश समर्थकों ने बोलसोनारो को 'फासिस्ट' बताया. अपने आंसू पोंछते हुए 31 वर्षीय फ्लेविया कास्टेलहानोस ने कहा, ''मुझे हैरानी है कि ब्राजील के लोगों ने नफरत के पक्ष में वोट दिया.'' राजनीतिक विश्लेषकों और कार्यकर्ताओं ने मायूसी भरी प्रतिक्रिया दी.

वॉशिंगटन में सेंटर फॉर इकोनोमिक एंड पॉलिसी रिसर्च के मार्क वाइसब्रॉट ने कहा, ''यह ब्राजील के लिये अंधकारमय दिन है. ब्राजील का लोकतंत्र अब पूरी तरह संकट में है.'' पर्यावरण समूह एमेजॉन वॉच ने बोलसोनारो की जीत पर चेतावनी देते हुए इसे ब्राजील के अमेजन के लिए आपदा बताया. बोलसोनारो ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों को कृषि उद्योग में दखल न देने की बात कही है.

बोलसोनारो के विवादित बयान

बोलसोनारो ने ब्राजील में बहुत से लोगों को अपने तीखे बयानों से नाराज किया है. एक बार उन्होंने एक महिला सांसद को कह दिया था कि वह 'बलात्कार करने के योग्य नहीं हैं'. एक बार उन्होंने कहा था कि वह अपने बेटों को समलैंगिक होने के बजाए मरा हुआ देखना पसंद करेंगे. वहीं एक अश्वेत समुदाय से मिलने के बाद उन्होंने बयान दिया, "वे किसी काम के नहीं है. मुझे आशंका है कि वे बच्चे पैदा कर सकते है." लेकिन इस सबके बावजूद मतदाताओं के एक बड़े हिस्से ने हद्दाद की वर्कर्स पार्टी को नकार दिया जो पिछले चार बार राष्ट्रपति चुनाव जीती थी.

ब्राजील में चुनाव ऐसे समय में हुआ जब देश सबसे खराब आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है. वहां अरबों डॉलर के भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं और हिंसक अपराध की घटनाएं काफी बढ़ी हैं. हद्दाद लोकप्रिय लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद पूर्व राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के प्रतिनिधि के तौर पर चुनाव लड़े थे. निवर्तमान दक्षिणपंथी राष्ट्रपति माइकल टेमर ने बोलसोनारो को बधाई दी और कहा कि सोमवार को सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी. टेमर ब्राजील के आधुनिक लोकतंत्र में सर्वाधिक अलोकप्रिय नेता साबित हुए हैं.

वीसी/एमजे (एएफपी)

बहुत मामलों में भारत जैसा लगता है ब्राजील

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