बोस्टन धमाके में और आरोपी गिरफ्तार | दुनिया | DW | 02.05.2013
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दुनिया

बोस्टन धमाके में और आरोपी गिरफ्तार

अमेरिकी अधिकारियों ने बोस्टन मैराथन बम धमाके के मामले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से दो कजाकिस्तान के हैं जबकि एक अमेरिकी नागरिक है. यह हमलावर के दोस्त थे.

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अपने दोस्तों के साथ द्जोखर(बाएं)

तीनों छात्र हमले के आरोपी जोखर सारानाएव के दोस्त हैं. इन पर 15 अप्रैल का बम हमला कराने के सीधे आरोप नहीं हैं. उस दिन बोस्टन शहर में मैराथन दौड़ का आयोजन हो रहा था. उसी दौरान दो बम के फटने से तीन लोग मारे गए और 260 से ज्यादा घायल हुए. हमले के लिए जोखर सारानाएव और उसका भाई जिम्मेदार माने जा रहे हैं. जोखर का भाई हमले के कुछ ही देर बाद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. इस बीच मैसेचूसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेकनोलॉजी में पढ़ रहे जोखर सारानाएव को जेल में रखा जा रहा है.

हमले के तीन दिन बाद तीनों छात्रों ने मिलकर उन सारे सबूतों को खत्म करने की कोशिश की जिससे उनके दोस्त सारानाएव को और नुकसान होता. अधिकारियों ने 19 साल के दो कजाकी छात्रों, अजमत ताजायाकोव और दियास कादिरबायेव पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने कानूनी कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की. उन्हें सारानाएव के कमरे में पटाखों से भरी एक थैली मिली जिसे उन्होंने छिपाने की कोशिश की. 19 साल के रोबेल फिलिपोस पर आरोप लगे हैं कि उसने जांचकर्ताओं को गलत जानकारी दी. बुधवार को तीनों आरोपी अदालत पहुंचे लेकिन इनमें से किसी ने भी अपील नहीं की है. कादिरबायेव के वकील ने बताया कि उनका मुवक्किल पूरी तरह आरोपों को खारिज करता है.

Boston neue Festnahmen nach Bombenanschlag

फोटो कोड 923

अगर आरोप सही साबित हुए तो कादिरबायेव और ताजायाकोव को पांच साल तक की सजा दी जा सकती है. फिलिपोस को आठ साल तक की सजा दी जा सकती है. तीनों आरोपियों के वकीलों का कहना हैं कि छात्र हमले के बाद हैरान हैं. ताजायाकोव के वकील ने कहा, "मेरा मुवक्किल, काफी हैरान है यह जानकर कि उसको जानने वाला कोई बोस्टन हमले में शामिल था." फिलिपोस के वकील का भी कहना है कि उसने सारानाएव की मदद नहीं की और गलत जानकारी देने के आरोप को लेकर फैसला अदालत में किया जाएगा.

हमले के करीब एक महीने पहले जोखर सारानाएव ने कादिरबायेव और ताजायाकोव को बताया कि उसे बम बनाना आता है. 15 अप्रैल को हमले के तीन दिन बाद अधिकारियों ने दो लोगों के फोटो जारी किए और कहा कि हमलों के पीछे शायद इन्हीं का हाथ है. जोखर के साथ पढ़ने वाले तीन छात्रों ने जैसे ही यह देखा, तो कादिरबायेव ने सारानाएव को एक एसएमएस लिखा कि आरोपी उसकी तरह लगता है. इस पर सारानाएव ने हंसते हुए जवाब दिया, "मुझे मेसेज मत करो" और "मेरे कमरे आकर जो चाहे लेकर जाओ."

तीनों दोस्त उस रात को फिर सारानाएव के कमरे गए. वहां एक लड़के ने बताया कि जोखर सारानाएव चला गया है. फिर तीनों ने कुछ फिल्में देखीं और उन्हें पटाखों का एक पैकेट मिला. ताजायाकोव को फिर लगने लगा कि उसका दोस्त जोखर वाकई हमले के पीछे है. फिर तीनों ने मिलकर पटाखों वाली थैली और लैपटॉप तोड़ने की कोशिश की ताकि उनके दोस्त की मदद हो सके और वह भी मामले में न फंसें.

रिपोर्टः एमजी/एएम (रॉयटर्स, एपी)

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