बेनगाजी के आरोपी पर अमेरिका में केस | दुनिया | DW | 18.06.2014
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दुनिया

बेनगाजी के आरोपी पर अमेरिका में केस

ढाई साल पहले लीबिया के बेनगाजी में तैनात अमेरिकी राजदूत और तीन अन्य अमेरिकियों की हत्या के आरोप में अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने अबु खटाला को गिरफ्तार कर लिया है. खटाला पर मुकदमा चलाने के लिए उसे अमेरिका ले जाया जा रहा है.

11 सितंबर, 2011 को जिस दिन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले को ठीक 11 साल पूरे हुए, उसी दिन कुछ आतंकवादियों ने बेनगाजी में अमेरिकी राजदूत क्रिस स्टीवेंस और तीन अन्य अमेरिकियों को मौत के घाट उतार दिया. करीब 30 साल में वह पहली घटना थी जब ड्यूटी पर तैनात किसी अमेरिकी राजदूत की हत्या की गई हो. दोषियों को पकड़ने और सजा दिलाने की तमाम कोशिशों में लीबिया से अबू खटाला की गिरफ्तारी को एक बहुत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. खटाला को अमेरिका ले जाकर अमेरिकी न्याय प्रक्रिया के तहत मुकदमा चलाने और हमले में शामिल बाकी लोगों को पकड़ने की तैयारी चल रही है.

बेनगाजी हमले में शामिल लोगों को पकड़ने का ओबामा प्रशासन पर तभी से दबाव रहा है. विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी खटाला पर आम नागरिक की तरह मुकदमा चलाने के पक्ष में नहीं है. वह चाहती है प्रशासन खटाला से अधिक से अधिक जानकारियां हासिल करने पर जोर दे. अमेरिकी न्याय प्रक्रिया में किसी भी आरोपी को मुकदमे के दौरान चुप रहने का अधिकार है. आरोपी पहले एक वकील की मांग कर सकता है और उसके बाद ही बयान दर्ज कराने के अधिकार का इस्तेमाल कर सकता है.

अमेरिकी सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी की प्रमुख रिपब्लिकन नेता सैक्सबी चैंब्लिस ने बताया है कि रविवार को खटाला की गिरफ्तारी के समय से ही पूछताछ जारी है. न्याय विभाग के प्रवक्ता मार्क रायमॉन्डी ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या खटाला को उसके चुप रहने के अमेरिकी अधिकार के बारे में बताया गया है. कुछ रिपब्लिकन कड़ी पूछताछ के लिए खटाला को अमेरिकी सेना की क्यूबा स्थित ग्वांतानामो बे जेल में भेजने की मांग कर रहे हैं. रिपब्लिकन सीनेटर जिम इनहोफ ने कहा, "राष्ट्रपति भविष्य में बेनगाजी जैसे आतंकवादी हमलों को रोकने के बजाए ग्वांतानामो बे को बंद करने की अपनी विरासत छोड़ने पर ध्यान दे रहे हैं."

इसके जवाब में सीनेट की न्याय समिति के अध्यक्ष पैट्रिक लेही ने कहा कि खटाला को अमेरिकी कोर्ट में उसी तरह मुकदमा चलाकर न्याय किया जा सकता है "जैसे 9/11 के बाद से अब तक 500 से भी ज्यादा आंतकवाद के आरोपियों पर सफलतापूर्वक" किया गया है. लेही का मानना है कि लीबियाई आरोपी को ग्वांतानामो बे भेज देना तो "आसान रास्ता" होगा. अबु खटाला पर वॉशिंगटन की अमेरिकी कोर्ट में आतंकवाद से जुड़े आपराधिक मामले चलेंगे. ओबामा सरकार आतंकवाद के आरोपियों को सीधे ग्वांतानामो जेल भेजने के बजाए पहले किसी आम अपराधी की तरह कोर्ट में मुकदमा चलाने के पक्ष में रही है. पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के शासनकाल में आतंकवाद के आरोप में पकड़े गए सैकड़ों आरोपियों को सीधे क्यूबा की जेल में भेजने की नीति थी.

खटाला पर हत्या, अमेरिकी केंद्र पर हमले और आतंकवादियों को मदद मुहैया कराने के आरोप दर्ज हुए हैं. उसने घटनास्थल पर मौजूद होने की बात मानी है लेकिन उसका कहना था कि वह फंसे हुए लोगों की मदद की कोशिश कर रहा था. माना जाता है कि खटाला अंसार अल शरीया की बेनगाजी शाखा से जुड़ा था, जिसे अमेरिका एक आतंवादी संगठन मानता है. हत्या का मामला साबित होने पर खटाला को मौत की सजा हो सकती है.

आरआर/एजेए (एपी)

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