बिहार परीक्षा के टॉपरों को फिर देनी होगी परीक्षा | दुनिया | DW | 02.06.2016
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

बिहार परीक्षा के टॉपरों को फिर देनी होगी परीक्षा

भारत के पूर्वी राज्य बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा के 14 टॉपरों को फिर से एक परीक्षा देनी होगी. दरअसल परीक्षा के टॉपर बनने के बाद पत्रकारों को दिए टीवी इंटरव्यू में विषय के बारे में ना बता पाने से छिड़ा विवाद.

Indien Eltern helfen Schülern beim schummeln

मार्च 2015 में बिहार के हाजीपुर के एक स्कूल में 10वीं की बोर्ड परीक्षा में नकल कराते दिख रहे लोगों की यह तस्वीर पूरी दुनिया में दिखाई गई थी.

बिहार स्टेट की इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉपर घोषित हुए 14 छात्र-छात्राओं में से दो अपने विषय से जुड़ी सरल सी बातें भी नहीं बता सके. 29 मई को आए रिजल्ट में कला वर्ग की टॉपर बनी रुबी राय का इंटरव्यू लेने पहुंचे एक भारतीय न्यूज चैनल के पत्रकार ने जब इंटरमीडिएट परीक्षा के उसके एक विषय राजनीति शास्त्र के बारे में जानना चाहा, तो बहुत सोचने के बाद छात्रा ने बताया कि वह विषय खाना बनाने के बारे में है.

इसी तरह विज्ञान वर्ग में पूरे बिहार राज्य के टॉपर बने सौरव श्रेष्ठा से रसायन शास्त्र के सामान्य सवाल पूछे जाने पर, वह भी परेशान दिखाई दिया. यह सभी इंटव्यू टीवी कैमरों में रिकॉर्ड होने के कारण मामला राष्ट्रीय संज्ञान में आ गया.

टॉपरों को अपने विषय के बारे में जानकारी ना होने की बात जब फैली तो बिहार बोर्ड के अध्यक्ष ने सभी 14 बोर्ड टॉपरों की जल्द ही एक और परीक्षा लिए जाने की घोषणा कर दी. बिहार स्टेट एजुकेशन बोर्ड के अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने राजधानी पटना से टेलिफोन पर बताया, "उन्हें (छात्रों को) एक छोटा सा लिखित टेस्ट देना होगा और उसके बाद उनका इंटरव्यू किया जाएगा." प्रसाद ने बताया कि इस परीक्षा में "उनकी राइटिंग की भी जांच होगी और उसे पहले दी गई परीक्षा की राइटिंग से मिलाया जाएगा." यह आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा में या तो भारी नकल हुई होगी या उनकी जगह किसी और ने परीक्षा दी.

बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने भी नकल की आशंका पर न्यूज चैनल एनडीटीवी से बात करते हुए बताया कि हो सकता है छात्रों ने अपनी जगह किसी और से परीक्षा दिलवाई हो या फिर उनकी उत्तरपुस्तिकाएं बदल दी गई हों.

राज्य बोर्ड की परीक्षा में टॉप करने वाले कई छात्र-छात्राएं हाजीपुर के एक ही स्कूल वीएन राय कॉलेज के हैं. राजधानी पटना से करीब 21 किलोमीटर उत्तर की ओर स्थित इस स्कूल के बारे में बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, "अगर हमें किसी तरह के भ्रष्टाचार का पता चलता है तो हम परीक्षा केंद्र के परीक्षकों से सवाल करेंगे और परीक्षा की कॉपियां जांचने वालों से भी. हर दोषी को सजा मिलेगी."

बिहार के स्कूल और कॉलेजों में नकल की शिकायतें आम हैं. 2015 में बिहार के स्कूलों में नकल कराते परिवारजनों की तस्वीरें देश-विदेश की सुर्खियां बनने के बाद बिहार की राज्य सरकार ने नकल करने वालों के लिए जुर्माना और जेल तक की सजा तय की थी. एक बार फिर बिहार में नकल का मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सुर्खियां बटोर रहा है.

DW.COM

संबंधित सामग्री