बिना तकलीफ कैंसर का इलाज | मंथन | DW | 10.04.2014
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मंथन

बिना तकलीफ कैंसर का इलाज

मंथन के 82वें एपिसोड में देखिए किस तरह से आयन रेडिएशन थेरेपी से कैंसर का इलाज हुआ मुमकिन और जानिए कैसे खत्म हो सकता है परेशान करने वाला शोर.

कैंसर का पता जितना जल्दी लग जाए उसका इलाज भी उतना ही आसान है. डब्ल्यूएचओ की मानें तो इस बीमारी ने 2012 में दुनिया भर में करीब 82 लाख लोगों की जान ली. जर्मनी के हाइडेलबर्ग में कैंसर के रोगियों का आयन रेडिएशन थेरेपी से इलाज किया जाता है. रेडिएशन थेरेपी के मुकाबले आयन रेडिएशन थेरेपी उतनी तकलीफदेह नहीं होती. हाइडेलबर्ग आयन बीम थेरेपी के जरिए खास तरह के रेडिएशन से इलाज किया जाता है. वैज्ञानिक किस तरह से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के इलाज के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं जानिए इस हफ्ते मंथन में.

मत मचाओ शोर

अगर साफ सफाई के दौरान मशीन से होने वाला शोर आपको भी परेशान करता है तो वह दिन दूर नहीं जब यह शोर ही खत्म हो जाएगा. या फिर उसकी जगह ऐसी आवाज ले लेगी जिसे सुनकर थोड़ा सुकून मिले. जर्मनी में ड्रेसडेन की टेक्निकल यूनिवर्सिटी के साउंड रिसर्चर इस काम में लगे हुए हैं. शोधकर्ताओं की कोशिश है कि सफाई के दौरान मशीनों से निकलने वाली आवाज कम की जाए.

सड़क पर सफाई करने वाले रोड स्वीपर आम तौर पर शोर नहीं करते लेकिन परेशानी यह है कि इसमें लगा सफाई वाला उपकरण बहुत ज्यादा आवाज करता है. रिसर्चर सफाई उपकरण और शोर से उनके संबंधों की छानबीन कर पाए हैं. कंपन जितना तेज होगा, स्वीपर से आवाज भी उतनी ज्यादा निकलेगी. आप मंथन में जानेंगे कि वैक्यूम क्लीनर की आवाज को खत्म करने के लिए कौन सा उपाय निकाला गया.

तकनीक रोकेगी बाढ़

हर साल बारिश के मौसम में बांग्लादेश में बाढ़ आनी आम बात है. दरअसल नदियों के तटों का लगातार कटना इसकी प्रमुख वजह है. अब जर्मन विकास विशेषज्ञ इस समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं. वह ढाका के बीच से गुजरती बूरीगंगा नदी को थामने के लिए नए विकल्प खोज रहे हैं. बांग्लादेश में जलवायु परिवर्तन की वजह से बारिश बहुत ज्यादा हो रही है. पांच महीने के मानसून के दौरान अकसर बाढ़ आती हैं और हजारों बेघर हो जाते हैं. अब जाकर यहां लोग बाढ़ को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. जर्मन विकास संस्थान जीआईजेड वहां शेल्टर बनाने के काम में जुटी हुई है. शेल्टर के अलावा नदियों को स्थिर बनाने की भी कोशिश की जा रही है. यह काम जर्मनी में 18वीं सदी में शुरू हुआ था. मंथन में जानेंगे कैसे नदियां बाढ़ मुक्त की जा रही हैं.

ज्वालामुखी के पास खेती

मेक्सिको में ज्वालामुखी के आस पास बसे लोग उपजाऊ जमीन का भरपूर फायदा उठा रहे हैं. पर्यावरण संरक्षण संस्थाओं की मदद से वहां रसायन रहित खेती की जा रही है. यहां रहने वाले ज्यादातर लोग गरीब हैं. लेकिन ज्वालामुखी की उपजाऊ मिट्टी की मदद से वे ज्यादा फसल उगा रहे हैं और पैसा भी ज्यादा कमा रहे हैं. जैविक खाद की मदद से किसान पर्यावरण की भी हिफाजत कर रहे हैं. पर उनके सामने कुछ चुनौतियां भी हैं. जानिए किस तरह से वे इन चुनौतियों का सामना करते हैं.

स्मार्ट टूथब्रश

अगर आपको स्मार्ट गैजेट्स पसंद हैं तो आप मंथन में ऐसे टूथब्रश के बारे में जानेंगे जो स्मार्टफोन से जुड़ा है. स्मार्टफोन का ऐप आपको ब्रश करते वक्त गाइड करेगा. साथ ही ब्रश करते समय आप मौसम की जानकारी भी फोन पर पा सकते हैं. मंथन में जानिए स्वास्थ्य से जुड़े ऐप्स का बाजार किस तेजी से बढ़ रहा है. इन सबके अलावा भी बहुत कुछ है. तो देखिए मंथन शनिवार, 12 अप्रैल सुबह 10.30 बजे डीडी नेशनल पर.

एए/आईबी

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