बाल्टिक सागर में रूस-अमेरिकी वॉरशिप का आमना सामना | दुनिया | DW | 14.04.2016
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दुनिया

बाल्टिक सागर में रूस-अमेरिकी वॉरशिप का आमना सामना

बाल्टिक सागर में रूसी जेट का अमेरिकी वॉरशिप के इतने करीब आना अमेरिका को बेहद नागवार गुजरा है. रूस ने दी सफाई.

अमेरिका ने दावा किया है कि रूस के दो फाइटर जेट बाल्टिक सागर में यूएस नेवी के वॉरशिप के बेहद करीब आ गए थे. अमेरिकी मीडिया में लिखा गया है कि इस मंगलवार को एक रूसी सैनिक हैलिकॉप्टर 30 फीट से भी कम ऊंचाई से कई बार अमेरिकी वॉरशिप के चक्कर लगाते हुए उड़ा और उसकी तस्वीरें लीं. व्हाइट हाउस ने रूस की इस हरकत पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे एक उकसाने वाला कदम बताया.

वहीं रूस का कहना है कि इस हफ्ते सोमवार और मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में अपने सुकोई सू-24 जेट के अभ्यास के लिए वे पहले से ही सभी सुरक्षा नियमों के अनुसार अनुमति लेकर वहां थे. यह बात इंटरफैक्स न्यूज एजेंसी ने रूसी मेजर जनरल इगोर कोनाशेंकोव के हवाले से लिखी है.

अमेरिकी पेंटागन के अनुसार रूसी विमान ने सोमवार और मंगलवार को अमेरिकी जहाजों के बहुत पास से काफी "आक्रामक" उड़ानें भरीं. अमेरिकी डिस्ट्रॉयर जहाज डोनाल्ड कुक के कमांडिंग अफसर का मानना है कि रूसी कार्रवाई "असुरक्षित और गैरपेशेवर" थी.

इस आरोप को रद्द करते हुए रूसी मेजर जनरल कोनाशेंकोव ने कहा, "अमेरिकी साथियों की ओर से आ रही ऐसी सताने वाली प्रतिक्रिया का कारण, हमारी तो समझ से बाहर है." जिस समय रूसी जेट यूएसएस डोनाल्ड कुक के ऊपर से गुजरे थे, अमेरिकी जहाज रूसी नेवल बेस से केवल 70 किलोमीटर की दूरी पर था.

शीतकाल के बाद से रूस और पश्चिमी देशों के बीच संबंधों में सबसे ज्यादा गिरावट 2014 में क्रीमिया को यूक्रेन से अलग किए जाने पर आई थी. रूस पर यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में अलगाववादियों को समर्थन देने के आरोप भी लगते रहे हैं.

इस घटना में रूस अपने सू-24 विमानों की हरकत को केवल टेस्ट फ्लाइट बता रहा है, वहीं व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉश अर्नेस्ट ने इन उड़ानों को "अंतरराष्ट्रीय जल और वायु सीमा में सैनिक कार्रवाइयों के लिए तय पेशेवर नियमों से पूरी तरह असंगत" बताया है.

आरपी/आईबी (डीपीए, एएफपी)

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