बारिश और बाढ़ से केरल में तबाही, 77 की मौत | दुनिया | DW | 16.08.2018
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दुनिया

बारिश और बाढ़ से केरल में तबाही, 77 की मौत

बारिश और बाढ़ की वजह से केरल में भयावह स्थिति हो चुकी है. एक ओर जहां नदियों का जलस्तर उफान पर है, वहीं दूसरी ओर भूस्खलन की घटनाओं ने हालात बदतर कर दिए हैं. आपदा में मरने वालों की तादाद बढ़कर 77 पहुंच गई है.

हर साल मॉनसून की पहली बारिश पाने वाले केरल में इस बार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. पिछले कई दिनों से जारी तेज बरसात और बाढ़ की वजह से केरल के डैम, जलाशय, नदियां और पोखर उफान पर हैं, सड़कें, हाइवे और लोगों के घर बाढ़ के पानी में बह गए हैं. फ्लाइट, ट्रेन और मेट्रो सेवा बंद होने से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. मौसम विभाग की मानें तो अभी राहत के आसार नहीं हैं और अभी और बारिश होगी. फिलहाल सभी शैक्षणिक संस्थाओं में छुट्टी घोषित की गई है. वहीं यूनिवर्सिटी में परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है. 

मृतकों की संख्या 77 पहुंच चुकी है और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की टीम और सेना दिन-रात लोगों को बचाने व राहत पहुंचाने का काम कर रही है. करीब 60 हजार लोगों को राहत कैंपों में रखा गया है. सेना के जवान कोझिकोड और वायनाड में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए छोटे-छोटे पुलों का निर्माण कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बताया कि केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों को जरूरी सहायता पहुंचाई जाएगी.

एयरपोर्ट बंद, रेल सेवा ठप

पेरियार नदी के किनारे स्थित कोच्चि एयरपोर्ट को भी शनिवार दोपहर तक के लिए बंद कर दिया गया है. पेरियार नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण एयरपोर्ट में भी पानी बढ़ने का खतरा बना हुआ है. दक्षिणी रेलवे और कोच्चि मेट्रो ने अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं. दक्षिण भारत की कई ट्रेनें रद्द हैं और कई के रूट बदल दिए गए हैं. मुल्लापेरियार, चेरुथोनी, इदुक्की जलाशय का कुछ हिस्सा और इदामलयार समेत सभी प्रमुख बांधों के गेट खोल दिए गए हैं.

Indien Überschwemmungen im Bundestaat Kerala (Getty Images/AFP)

एर्नाकुलम जिले में लोगों के घर डूब रहे हैं.

राहत शिविरों में भेजे गए लोग

सेना के जवानों को कोल्लम से 20 नावों में बिठाकर पतनमतिट्टा में लोगों की मदद के लिए भेजा गया है. पेरियार नदी के पास से करीब 4,000 परिवारों को राहत शिविरों में ले जाया जा चुका है. एर्नाकुलम में 17,974 लोगों को 117 राहत शिविरों में ले जाया गया. बाढ़ प्रभावित एर्नाकुलम में 40 राहत शिविर खोले गए हैं, जहां 395 परिवारों के करीब 1180 लोग हैं.

पर्यटकों को बचाया

सबसे ज्यादा प्रभावित इडुक्की जिले में पर्यटकों को जाने से रोक दिया गया है क्योंकि यहां की सड़कें टूट गई हैं. इडुक्की और आसपास के जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है क्योंकि अगर बारिश होती रही तो इडुक्की डैम से और पानी छोड़ा जा सकता है जिससे स्थिति के और बिगड़ने की आशंका है. केरल के पर्यटन मंत्री ने जानकारी दी है कि मुन्नार के प्लम जूडी रिजॉर्ट में बुधवार को करीब 50 टूरिस्ट फंसे हुए थे जिनमें से 24 विदेशी पर्यटक थे. उन्हें शुक्रवार को बचाकर सुरक्षित जगहों पर भेजा गया.

किसानों को नुकसान

हर साल मॉनसून की पहली फुहार का इंतजार करने वाले किसानों के लिए इस बार बारिश विपदा लेकर आई. इस मौसम की फसल जैसे इलायची, रबड़, कॉफी और कई दूसरे मसालों की खेती को नुकसान हुआ. केरल के कृषि सचिव डीके सिंह के मुताबिक, केरल में 28,000 हेक्टेयर खेती की जमीन बाढ़ के पानी में डूबी है, जिससे 1,80,000 किसानों को 680 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इसमें 310 करोड़ का नुकसान अलपुझा और कोट्टायम की रबड़ बेल्ट में 93 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है. मौसम विभाग के अनुसार तेज बारिश का यह सिलसिहा अभी 10 दिन और चलेगा.

वीसी/आईबी (एएफपी, डीपीए)

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