बाउहाउस के प्रभावशाली और विवादास्पद 100 साल | दुनिया | DW | 09.01.2019
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दुनिया

बाउहाउस के प्रभावशाली और विवादास्पद 100 साल

जर्मनी का मशहूर डिजाइन स्कूल बाउहाउस अपनी 100वीं वर्षगांठ मना रहा है. बाउहाउस ने दुनिया को क्रांतिकारी आधुनिक डिजाइन दिए. साथ ही यह जर्मनी के अशांत अतीत का आईना भी है.

एक सदी पहले, दुनिया के प्रमुख कला आंदोलनों में से एक की नींव रखी गई. जर्मन वास्तुकार वाल्टर ग्रोपियुस ने जर्मनी के मध्य बसे शहर वाइमार में "द बाउहाउस" की शुरुआत की थी. बाउहाउस एक क्रांतिकारी आधुनिकतावादी डिजाइन स्कूल की तरह स्थापित किया गया था. ग्रोपियुस ने 1919 में कहा कि "बाउहाउस को स्थापित करने का मकसद है शिल्पकारों का एक नया समाज बनाना, जिसमें शिल्पकारों और कलाकारों के बीच कोई भेद ना हो." बाउहाउस का प्रमुख सिद्धांत था "फॉर्म फालो फंक्शन". इसका मतलब था कि हर दिन इस्तमाल होने वाली चीजें भी सुंदर होनी चाहिए. निर्माण शिल्प को कला के साथ मिलाकर बाउहाउस के कुछ क्लासिक्स बनाए गए थे. जैसे विल्हेम वागेनफेल्ड का डेस्क लैंप, वासिली चेयर, ब्रांट टी इन्फ्यूसर और फ्री-स्विंगिंग कुर्सी.

2019 में बाउहाउस की 100वीं वर्षगांठ हैं जिसे पूरे जर्मनी में मनाया जाएगा. कई जगहों पर 500 प्रदर्शनियां और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और ये सब एक नारे के साथ होंगे "रिथिंक द वर्ल्ड". आनेमारी जाएगी बर्लिन के बाउहाउस आर्काइव की प्रमुख हैं. उनका कहना है कि "हमारे लिए ये वर्षगांठ एक ऐसा मंच है जिससे हम दिखा सकते है कि कैसे बाउहाउस के विचार 21वीं सदी के लिए भी उपयोगी हैं." साल भर चलने वाले इन आयोजनों के दौरान इस बात पर भी रोशनी पड़ेगी की किस तरह बाउहाउस का विकास जर्मनी के अशांत इतिहास का आईना भी है.

Bauhaus-Museum Dessau Baustelle (picture alliance/dpa/J. Woitas)

देसाउ में बनता बाउहाउस म्यूजियम

बाउहाउस को कई बार अपनी जगह बदलने के लिए मजबूर किया गया. स्थापना के छह साल बाद बाउहाउस को वाइमार छोड़कर देसाउ जाने पर मजबूर होना पड़ा. इसके पीछे उस समय की दक्षिणपंथी नेतृत्व वाली क्षेत्रीय सरकार का हाथ था. फिर सन 1930 में बाउहाउस को देसाउ से बर्लिन भेज दिया गया और फिर सन 1933 में आडोल्फ हिटलर ने इसे पूरी तरह से बंद कर दिया. इस साल के जलसे में भी देसाउ बाउहाउस नए राजनीतिक विवादों से घिरा रहा. ताजा विवाद भी बाउहाउस के परेशानी से भरे अतीत को दर्शाता है.

देसाउ का बाउहाउस अब यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और संग्रहालय है. इसके बावजूद अधिकारियों ने अक्टूबर 2018 में यहां एक संगीत कार्यक्रम को रद्द कर दिया. उन्हें डर था कि वामपंथी बैंड फाइने साने फिशफिलेट की वजह से वे फिर से दक्षिणपंथी के निशाने पर ना आ जाए. 2018 में 120 से ज्यादा नवनाजी विचारधारा के समर्थकों ने देसाउ में बाउहाउस की ऐतिहासिक इमारत तक जुलूस निकाला था. संगीत कार्यक्रम को रद्द करने के वजह से संग्रहालय की काफी आलोचना भी हुई.

Bauhaus-Stätten Welterbe Ringsiedlung Siemensstadt in Berlin (picture-alliance/ ZB)

बाउहाउस के कुछ जबरदस्त डिजायन

जर्मन संस्कृति मंत्री मोनिका ग्रुएटेर्स का कहना है कि "बाउहाउस ने केवल सौंदर्य से जुड़े मुद्दे ही नहीं संभाले हैं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक सवालों को भी संभाला है." वह 100वीं वर्षगांठ के कार्यक्रमों में होने वाले विषयों की बात कर रही थीं. बाउहाउस भले ही बर्लिन, देसाउ और वाइमार में केंद्रित हो लेकिन अन्य जर्मन शहर जैसे हैम्बर्ग और फ्रैंकफर्ट के संग्रहालय भी इसकी वर्षगांठ को मना रहे हैं.

इस दौरान कई प्रदर्शनियों के साथ ऐतिहासिक दस्तावेजे भी दिखाए जाएंगे. बाउहाउस कार्यशालाओं में तैयार हुई दुर्लभ वस्तुओं और नई कलाकृतियों को भी पेश करने की योजना हैं. सितंबर में देसाउ में एक नया बाउहाउस संग्रहालय भी खोला जाना है. बाउहाउस की प्रदर्शनियां दुनिया के कई कोनों में भी हो रही हैं जिनमें रूस और ब्राजील भी शामिल हैं.बाउहाउस आंदोलन की 100वीं वर्षगांठ की तैयारी

एनआर/ओएसजे (डीपीए)

 

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