बलात्कार से दिल्ली में उबाल | दुनिया | DW | 22.04.2013
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दुनिया

बलात्कार से दिल्ली में उबाल

पांच साल की बच्ची से हुए बलात्कार के बाद दिल्ली में तीसरे दिन भी व्यापक जन विरोध जारी है. सोमवार को संसद में भी मामले की गूंज सुनाई पड़ी. इस बीच पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया.

बिहार गई दिल्ली पुलिस की टीम ने बलात्कार के दूसरे आरोपी को लखीसराय जिले से गिरफ्तार किया. सोमवार तड़के बिहार पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाकर पुलिस ने आरोपी को उसके चचेरे ससुर के घर पर दबोचा. आरोपी को जिला मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. उसे 15 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा गया है. पुलिस उसे दिल्ली ले जाएगी.

पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी मनोज से पूछताछ के बाद ही पुलिस दूसरे आरोपी प्रदीप कुमार तक पहुंची. मनोज को शनिवार को बिहार के मुजफ्फपुर जिले से गिरफ्तार किया गया. लखीसराय जिले के एसपी राजीव मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में कुमार ने भी अपना गुनाह कबूल किया है.

मनोज और प्रदीप की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बलात्कार की जगह सामूहिक बलात्कार की धारा लगाई है. दोनों पर 15 अप्रैल को पांच साल की बच्ची का अपहरण करने और फिर उससे सामूहिक बलात्कार करने के आरोप हैं. आरोपियों ने बच्ची को 40 घंटे तक कमरे में बंद रखा. बलात्कार के बाद बच्ची को मरा समझकर आरोपी भाग गए. बच्ची का नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है. उसकी हालत गंभीर है. उसके पेट से मोमबत्ती और कांच की बोतल निकाली जा चुकी है.

Indien Proteste fünfjähriges Mädchen Vergewaltigung 21.04.2013

दिल्ली में जगह जगह प्रदर्शन

दिल्ली में प्रदर्शन

16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में बस में छात्रा से हुए सामूहिक बलात्कार के बाद जैसे जन प्रदर्शन हुए, ताजा मामले के बाद भी कुछ वैसे ही प्रदर्शन हो रहे हैं. सोमवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस के मुख्यालय के सामने जमा हो गए. प्रदर्शनकारियों को काबू में रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने तीन मेट्रो स्टेशन बंद करा दिए. दिल्ली मेट्रो कॉरपोरेशन के मुताबिक पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देकर तीनों स्टेशन बंद कराए हैं.

अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन में कूदने के बाद सोमवार को बीजेपी भी जनविरोध की मुहिम में शामिल हो गई. पार्टी के दिल्ली के नेताओं ने संसद भवन तक मार्च निकाला. एम्स के सामने भी प्रदर्शनकारी जमा हैं. दिल्ली के जंतर मंतर पर महिला अधिकारों की बात करने वाले संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री और यूपीए अध्यक्ष सोनियां गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन हो चुके हैं.

संसद में गूंज

विरोध प्रदर्शनों का असर सोमवार को संसद की कार्यवाही पर भी पड़ा. लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को विपक्षी दलों ने बोलने तक नहीं दिया. शिंदे ने सदन के सामने जो बयान रखा उसमें दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की कोई बात नहीं है. इससे नाराज विपक्षी दलों ने शिंदे पर खूब निशाना साधा. कई संगठन और केजरीवाल की पार्टी दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार को फौरन हटाए जाने की मांग कर रहे हैं. आरोप है कि पुलिस ने पहले इस मामले को दबाने की कोशिश की. पुलिस पर पीड़ित बच्ची के माता पिता को धमकाए जाने के आरोप लग रहे हैं.

इस बीच बीजेपी मांग कर रही है कि सरकार बलात्कार संबंधी कानून को और कड़ा करे. पार्टी का कहना है कि नए कानून को ज्यादा कड़ा बनाए जाने की जरूरत है.

भारत में इसी महीने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा रोकने के लिए बनाए नए कानून पर दस्तखत किए. नए एंटी रेप कानून के तहत दोषियों को उम्रकैद और क्रूर मामलों में मृत्युदंड का प्रावधान है. कानून के तहत चेतावनी के बावजूद छेड़खानी करने, घूरने या पीछा करने जैसे मामलों को भी गैरजमानती अपराध की श्रेणी में डाला गया है.

बीजेपी इस कानून को और सख्त करने की मांग कर रही है. हालांकि संसद में मौजूद कोई भी राजनीतिक पार्टी अब भी सरकार पर पुलिस सुधारों के लिए दबाव नहीं डाल रही है.

ओएसजे/एमजे (पीटीआई, रॉयटर्स)

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