बलात्कार की परिभाषा बदलने से क्या हालात बदलेंगे | दुनिया | DW | 16.01.2019
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

दुनिया

बलात्कार की परिभाषा बदलने से क्या हालात बदलेंगे

पुर्तगाल की संसद बलात्कार की परिभाषा बदल उसके दायरे को बढ़ाने जा रही है. कानून में सुधार कर बिना सहमति के किसी भी तरह के सेक्स को बलात्कार माना जाएगा.

बलात्कार की इतनी विस्तृत और सरल परिभाषा फिलहाल केवल सात यूरोपीय देशों में ही है. इसमें आपसी सहमति पर सबसे ज्यादा जोर होता है. पुर्तगाली संसद में अब बिना सहमति के बनाए गए किसी भी सेक्स संबंध को बलात्कार कहे जाने का सुझाव है.

अब तक देश में लागू कानून में किसी को जबर्दस्ती बनाए गए सेक्स संबंध को साबित करने के लिए हिंसा के साक्ष्य देने पड़ते हैं. कानून को बदलने के लिए अभियान चलाने वाले लोगों का कहना है कि हिंसा के सबूत की शर्त के कारण ऐसे कई मामलों में न्याय नहीं हो पाता, जहां किसी से बेहोशी के हाल में या मर्जी के खिलाफ सेक्स किया गया हो.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से ही 'इस्तांबुल समझौता' मौजूद है, जिसका मकसद महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा से सुरक्षा है. इस कानून के साथ पुर्तगाल अंतरराष्ट्रीय समझौते की मान्यताओं के और करीब आ जाएगा.   

संसद ने सर्वसम्मति से इस संशोधन को संसदीय समिति के पास भेज दिया है. अगला कदम समिति के मसौदे पर संसद में वोटिंग करने का होगा, जिसको लेकर व्यापक आम राय को देखते हुए इसका पास होना लगभग तय माना जा रहा है.

इस्तांबुल समझौते में पुर्तगाली सरकार ने 2012 में बदलाव लाए थे और फिर 2014 से वह लागू भी है. हालांकि सरकार के आलोचकों का कहना है कि प्रशासन उसे कानून की शक्ल में पूरी तरह लागू कराने में अब तक असफल रहा है.

सितंबर 2018 में प्यूर्तो रिको की अदालत के सामने आए एक मामले में दो पुरुषों पर 26 साल की एक बेहोश महिला से सेक्स करने का आरोप था. अदालत ने उन्हें बलात्कार का दोषी नहीं माना और उसे "परस्पर बहकावे" की घटना करार दिया.

पड़ोसी देश स्पेन में बीते सालों में ऐसे मामलों पर काफी प्रदर्शन हुए. 2016 की पैंपलोना बुल दौड़ के दौरान एक महिला पर पांच पुरुषों ने हमला कर उसे कोने में घेर लिया और फिर उससे जबर्दस्ती की. इन पुरुषों ने उस कृत्य को वीडियो में रिकॉर्ड भी किया था. गैंगरेप के आरोप वाले इस मामले में भी उन लोगों पर केवल यौन दुर्व्यहार के मामूली दोष सिद्ध हुए क्योंकि अदालत को हिंसा के पर्याप्त सबूत नहीं दिखाए गए.

अगर पुर्तगाल इस नए संशोधन को पास कर देता है तो वह बेल्जियम, साइप्रस, ब्रिटेन, जर्मनी, आइसलैंड और लक्जमबर्ग जैसे देशों की फेहरिस्त में आ जाएगा, जहां रेप का आधार आपसी सहमति को बनाया गया है ना कि हिंसा को.

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, यूरोपीय संघ की हर दस में से एक महिला को 15 वर्ष की उम्र के बाद किसी ना किसी तरह का यौन हिंसा झेलनी प़डती है. एमनेस्टी का कहना है, "रेप कानूनों से सब कुछ तो नहीं बदलेगा लेकिन सोच बदलने और न्याय पाने की दिशा में यह एक अहम कदम तो है ही."

आरपी/एनआर (रॉयटर्स)

DW.COM

विज्ञापन