बर्लिन में अधूरे एयरपोर्ट पर भविष्य की तकनीक | दुनिया | DW | 13.09.2012
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दुनिया

बर्लिन में अधूरे एयरपोर्ट पर भविष्य की तकनीक

बर्लिन ब्रांडेनबुर्ग का एयरपोर्ट भले ही अभी तक पूरा नहीं हुआ हो लेकिन यहां फिलहाल भविष्य की तकनीक दिखाई जा रही है. बर्लिन एयर शो यहां रविवार तक चलने वाला है.

बर्लिन एयर शो के दौरान एमटीयू एरो इंजिन बनाने वाली कंपनी का दावा है कि वह 2035 तक जेट इंजिन की खपत तीस फीसदी घटा देगी.

अधूरे बने एयरपोर्ट पर प्लेन और हेलिकॉप्टर प्रदर्शन के लिए उड़ान भर रहे हैं. हालांकि इसके पास बने हुए टर्मिनल का काम पूरा नहीं हुआ है. एयर शो के लिए खास नए पैवेलियन बनाए गए हैं.

एमटीयू एरो इंजिन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एगॉन बेहले ने कहा, "ऐसी कोई तकनीक नहीं है जिससे कैरोसीन के इस्तेमाल और कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन कम किया जा सके. ऐसे कई तरीके अपनाए जा सकते हैं, कई सुधार किए जा सकते हैं जिससे 30 फीसदी उत्सर्जन कम किया जाए." एमटीयू का दावा है कि नए ए320 इंजिन ईंधन की खपत 15 फीसदी कम कर सकेंगे.

हर दो साल में होने वाला यह एयर शो यूरोप का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन शो है. इसके अलावा लंदन के पास फार्नबोरो एयर शो और पैरिस के नजदीर ले बोर्जे में भी ऐसा शो होता है.

बर्लिन में 46 देशों के 1,243 प्रदर्शक आए हैं. दो लाख लोगों के यहां आने की उम्मीद है.

छह दिन उड़ान फिर काम

16 सितंबर तक यहां ढाई लाख स्क्वेयर मीटर पर 270 हवाई जहाज दिखाए जाएंगे. इनमें दुनिया के सबसे बड़े विमान बोइंग और एयरबस भी शामिल हैं. जर्मनी, पोलैंड, फिनलैंड और तुर्की की वायुसेना के विमान भी यहां प्रदर्शित किए जा रहे हैं. 1988 में रामश्टाइन वायुसैनिक अड्डे पर हुई दुर्घटना के बाद से सैन्य जेट विमानों की कलाबाजी दिखाने पर जर्मनी में रोक है. आईएलए (बर्लिन एयर शो) में फ्लाइट प्रोग्राम के प्रमुख वोल्फराम कोर्नेलियुस कहते हैं, "आप यहां कोई कलाबाज नहीं देखेंगे बल्कि यहां जो दिखाया जाएगा वह किसी भी सैनिक पायलट को सबसे पहले सिखाया जाता है."

अच्छा भविष्य

आर्थिक और वित्तीय संकट के दौरान जब कई कंपनियों को परेशानी उठानी पड़ रही है, विमानन और अंतरिक्ष उद्योग बढ़िया चल रहा है. काफी कॉन्ट्रैक्ट हैं क्योंकि हवाई यात्रा काफी बढ़ी है. हर साल दुनिया भर में हवाई यात्रा करने वाले लोगों की संख्या औसतन पांच फीसदी बढ़ रही है. ऐसे में कोशिश की जा रही है कि नई मशीनें ज्यादा आवाज न करें और ईंधन बचाएं. शानदार तकनीक का नमूना आईएलए में स्पेस पैवेलियन में देखने को मिलता है. यहां पहली बार जर्मनी के विमानन और अंतरिक्ष यात्रा केंद्र ने चार पहियों वाला रोबोट रोबोमोबील प्रदर्शनी के लिए रखा है. यह टेढ़ा और आड़ा चल सकता है. अपनी जगह पर घूम भी सकता है और कैमेरे, सेंसर के कारण अपने मन से चल फिर सकता है. इसके अलावा स्पेस पैवेलियन में जर्मन और यूरोपीय अंतरिक्ष प्रोजेक्ट्स के बारे में भी जानकारी दी गई है.

रिपोर्टः सबीने किंकार्त्स/ आभा मोंढे

संपादनः ईशा भाटिया

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