बंद से कितना थमा ईबोला | विज्ञान | DW | 22.09.2014
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विज्ञान

बंद से कितना थमा ईबोला

सियरा लियोन में तीन दिन तक सबकुछ बंद रहा. इसकी एक खास वजह थी, 30,000 अधिकारी देश के लगभग दस करोड़ घरों में ईबोला रोगियों का पता लगा रहे थे.

तीन दिन के बंद के बाद सियरा लियोन में जिंदगी दोबारा पटरी पर आ रही है लेकिन क्या सरकार के इस अभियान से कोई फायदा हुआ है? इसका जवाब अभी नहीं मिला है. इबोला से अब तक पश्चिम अफ्रीका में 2,600 लोग मारे जा चुके हैं. इंसान और जानवरों के शारीरिक द्रवों से फैलनी वाली बीमारी में शुरुआती संकेत जुकाम जैसे होते हैं. रोगी को फिर बुखार होता है और धीरे धीरे शरीर के अंदर और बाहर रक्तस्राव यानी हेमोरेज होने लगता है. ज्यादातर मामलों में मरीज बच नहीं पाता. फ्रीटाउन में अधिकारियों ने अब तक नहीं बताया है कि उन्होंने तीन दिन के बंद के दौरान कितने नए रोगियों का पता लगाया लेकिन 71 शवों को सुरक्षित रूप से गाढ़ दिया गया है.

क्या बंद से ईबोला के फैलाव को रोका जा सका है, इस सवाल का जवाब दे रहे ह्यूमन राइट्स वॉच कार्यकर्ता जो ऐमन कहते हैं, "आप कह सकते हैं कि ऐसा बंद करवाना जरूरी है ताकि आप लोगों तक संदेश पहुंचा सकें लेकिन इसलिए नहीं कि बीमारी को फैलने से रोका जा सके." तीन दिन के बंद के दौरान सरकारी टीमों ने देश भर की करीब 75 प्रतिशत जनता तक साबुन और सफाई की सामग्री पहुंचाई. लेकिन फिर ऐसी खबरें आने लगीं कि साबुन में जहरीले पदार्थ हैं. सरकारी टीमों की विश्वसनीयता वहीं खत्म हो गई.

कैसे लड़े इबोला से

60 लाख की आबादी वाले देश सियरा लियोन में अब तक 560 रोगी इबोला की वजह से मारे गए हैं. पास के देशों लाइबेरिया और गिनी में भी बीमारी फैली है. नाइजीरिया और सेनेगल में दो मामले सामने आए हैं. अस्पताल और क्लीनिक तुरंत पीड़ितों से भर जाते हैं और स्वास्थ्य कर्मचारी रोग के संक्रमण को रोकने में व्यस्त रहते हैं. सियरा लियोन में सरकार लोगों की मदद और रोग की जांच के लिए कैम्प लगा रही है.

मूलभूत संसाधनों ने अभाव में कई देशों ने पूरे गांवों और रिहाइशी इलाकों में आने जाने पर रोक लगा दी है. लाइबेरिया ने कुछ शहरों और कस्बों तक लोगों को सीमित कर दिया है और सियरा लियोन का राष्ट्रीय बंद संक्रमण रोकने के लिए इस तरह की पहली कोशिश है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि सीमा को बंद करने और किसी एक देश से आ रही उड़ानों को रोकने से इबोला से बचा नहीं जा सकता. लाइबेरिया ने हाल ही में बगल के देशों से उड़ानों को प्रतिबंधित कर दिया था. अब तक इबोला से 5,500 लोग संक्रमित हुए हैं. गरीब देशों में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव और बीमारी को लेकर सामाजिक सोच इबोला के खिलाफ लड़ाई में बाधा बन रही है.

एमजी/ओएसजे (एपी, एएफपी, रॉयटर्स)

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