फ्रांस ने सुरक्षा के लिए 10 हजार सैनिक जुटाए | दुनिया | DW | 12.01.2015
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दुनिया

फ्रांस ने सुरक्षा के लिए 10 हजार सैनिक जुटाए

शार्ली एब्दॉ पर हमले में मारे गए लोगों को श्रद्दांजलि देने और लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए रविवार को 37 लाख लोग पेरिस की सड़कों पर उतरे. यूरोप में कट्टरपंथ से निबटने के उपायों पर बहस हो रही है.

फ्रेंच प्रधानमंत्री मानुएल वाल्स ने संदिग्ध की खोज को फौरी बताते हुए कहा है, "खतरा अभी भी मौजूद है." राजधानी पेरिस में तीन दिनों तक चले आतंकी हमलों में 17 लोग मारे गए. उनमें शार्ली एब्दॉ के पत्रकार, एक यहूदी सुपर बाजार में बंधक बनाए गए ग्राहक और तीन पुलिसकर्मियों के अलावा तीन हमलावर भी शामिल हैं. फ्रांस के रक्षा मंत्री जाँ इव लेद्रियान ने कहा है कि लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए 10,000 सुरक्षाबलों को लामबंद किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अत्यंत संवेदनशील स्थलों पर उनकी तैनाती की जाएगी.

इस बीच तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लू ने इस बात की पुष्टि की है कि एक हमलावर की पत्नी शार्ली एब्दॉ पर हमले वाले दिन गुरुवार को सीरिया चली गई. उसके पति ने एक दिन बाद एक महिला पुलिसकर्मी को गोली मार दी थी. मोवलुत कावुसोग्लू ने सोमवार को अनादोलू समाचार एजेंसी को कहा कि हयात बूमेदिएन हमलों से पहले 2 जनवरी को तुर्की पहुंची और गुरुवार को सीरिया जाने से पहले इस्तांबुल के एक होटल में रुकी.

रविवार को उसके पति अमेदी कूलीबाली का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह बता रहा है कि हमला कैसे होगा. पुलिस उस व्यक्ति की खोज कर रही है जिसने वीडियो बनाया और पोस्ट किया है. वीडियो की एडिटिंग हमलों के बाद की गई है. वीडियो में कूलीबाली ने इस्लामी स्टेट के साथ वफादारी का इजहार किया है. शार्ली एब्दॉ के हमालावरों के साथ उसके 2005 से रिश्ते थे. फ्रांसीसी प्रधानमंत्री वाल्स ने कहा है कि फ्रांस "आतंकवाद, जिहाद और उग्रपंथी इस्लाम" के खिलाफ युद्धरत है.

यूरोप में आतंकी हमलों से सुरक्षा पर चल रही बहस के बीच हंगरी के विवादास्पद प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने यूरोपीय संघ से सख्त प्रतिक्रिया की मांग करते हुए कहा है कि आप्रवासन को पूरी तरह रोका जाना चाहिए. पेरिस के हमलावर आप्रवासियों के परिवार में पैदा हुए हैं. कंजरवेटिव ओरबान ने पेरिस से लौटकर कहा, "हमें आर्थिक आप्रवासन की ओर इस तरह नहीं देखना चाहिए कि उसका कोई फायदा है, वह यूरोपीय लोगों के लिए सिर्फ मुश्किलें और खतरे लाता है." उन्होंने कहा कि यह हंगरी का रुख है.

उधर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोला सारकोजी ने भी कहा है कि आप्रवासन समाज के लिए जटिलताएं लाता है. उन्होंने कहा कि आप्रवासन का मामला गहरी बहस का मुद्दा होगा क्योंकि आप्रवासन समाज में घुलने मिलने की समस्या पैदा करता है और उससे समुदाय की भावना पैदा होती है, जिसमें लोग खुद की पहचान अपने समुदाय से करते हैं. सारकोजी ने कहा कि पेरिस में हमला करने वाले लोग अपने समुदायों के पीछे छुप सकते हैं.

एमजे/आईबी (डीपीए, रॉयटर्स, एएफपी)

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