फ्रांस ने ईयू देशों से मांगा सैन्य सहयोग | दुनिया | DW | 17.11.2015
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दुनिया

फ्रांस ने ईयू देशों से मांगा सैन्य सहयोग

सीरिया में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ कार्रवाई में फ्रांस ने ईयू देशों से सैन्य और अन्य सहयोग की मांग की. यह पहली बार है ईयू देशों के बीच हुए लिस्बन समझौते के 'आपसी सहयोग अनुच्छेद' का इस्तेमाल करने की मांग हुई है.

ईयू के लिस्बन समझौते के अंतर्गत 28 देशों के समूह ने किसी भी सदस्य देश को "अपने सामर्थ्य में हर तरह की सहायता और सहयोग" दिए जाने वाला अनुच्छेद रखा था. अब फ्रांस ने पहली बार आईएस के खिलाफ लड़ने में इसे लागू करने की औपचारिक मांग रखी हैं. फ्रांस के रक्षा मंत्री जाँ इवे ले दियां ने उम्मीद जताई है कि सभी देश सीरिया के अलावा मध्यपूर्व और अफ्रीका में फ्रांस की मदद के लिए आगे आएंगे. रक्षा मंत्री ने कहा कि ईयू के देश फ्रांस का साथ या तो सीरिया और इराक में जारी सैन्य कार्रवाईयों में साथ आकर या फिर फ्रांस के मध्यपूर्व और अफ्रीका में अन्य ऑपरेशनों का भार बांटकर भी कर सकते हैं.

इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद से मुलाकात है. केरी ने कहा पेरिस में हुए हालिया हमले के अलावा मिस्र, लेबनान और तुर्की में हाल में हुए हमलों को ध्यान में रखते हुए यह साफ है कि इस्लामिक कट्टरपंथ पर और दबाव बनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा, "जहां वे इन चीजों की योजना बना रहे हैं वहां घुसकर मारने के लिए हमें अपने प्रयासों को और बढ़ाना होगा और जाहिर है बॉर्डरों पर लोगों की आवाजाही पर भी."

वहीं रूस ने पुष्टि की है कि पिछले दिनों सिनाई में उसके यात्री विमान हादसे का कारण आतंकवादी हमला था. पुतिन ने इस हमले के जवाब में सीरिया में रूसी बमबारी बढ़ाने की बात कही. हवा में दुर्घटनाग्रस्त हुए इस विमान पर 224 लोग सवार थे. पुतिन ने कहा, "सिनाई प्रायद्वीप में हमारे लोगों की हत्या सबसे बड़े अपराधों में शामिल है. हम अपने दिल और आत्मा से आंसू ऐसे ही नहीं पोछ देंगे. ये हमारे साथ रहेंगे, लेकिन हम अपराधियों को ढूंढकर सजा देने से पीछे नहीं हटेंगे."

पिछले दिनों पेरिस में हुए आतंकवादी हमलों में 129 लोग मारे गए. ओलांद ने कहा, "सीरिया आतंकवाद की सबसे बड़ी फैक्ट्री बन गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय अभी तक इस पर बंटा हुआ है." फ्रांस और अन्य पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियां फ्रांस में हमले को अंजाम देने वाले इस्लामिक स्टेट के जिंदा बचे सदस्यों की तलाश में हैं. वे उनके जरिए सीरिया में बैठे उनके कमांडरों तक पहुंचने की भी कोशिश में हैं. मंगलवार को जर्मन पुलिस ने आखन शहर के पास से पांच ऐसे विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है जिन पर पेरिस हमलों से जुड़े होने का शक था.

फ्रांस हमले के प्रमुख संदिग्ध अब्देसलाम सालेह की तलाश में है. इसके लिए बेल्जियम में भी छापे मारे गए हैं. इस बीच फ्रांस ने सीरिया में आईएस के ठिकाने राका पर हवाई हमले किए हैं.

एसएफ/आरआर (एएफपी,रॉयटर्स)

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