फेसबुक का ′स्कूल स्टार्ट अप′ | विज्ञान | DW | 02.06.2014
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विज्ञान

फेसबुक का 'स्कूल स्टार्ट अप'

फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला चान अमेरिकी स्कूलों को 12 करोड़ डॉलर का दान देंगे. शेयरों से हुई कमाई के जरिए स्कूलों को अत्याधुनिक बनाया जाएगा.

12 करोड़ डॉलर की रकम अगले पांच साल में सैन फ्रांसिस्को बे के स्कूलों पर खर्च की जाएगी. पैसे से सरकारी स्कूलों का ढांचा बदला जाएगा. प्रिसिला चान के मुताबिक, "शिक्षा बहुत खर्चीली हो चुकी है, यह रकम तो बस एक बूंद जैसी है. हम चाहते हैं कि आधुनिक स्कूलों के विकास में तेजी आए."

सबसे पहले 50 लाख डॉलर तीन जिलों के सरकारी स्कूलों को दिए जाएंगे. पैसा प्रिंसिपल ट्रेनिंग और क्लासरूम टेक्नोलॉजी पर खर्च किया जाएगा. कक्षा नौवीं और दसवीं के छात्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. चौथी और पांचवीं क्लास के लिए विशेष साइंस रूम बनाए जाएंगे. अभियान को स्कूल स्टार्ट अप नाम दिया गया है. चान ने इसे सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा, "मुझे याद है कि जब मेरी मां कहीं गई होती थी तो मेरे दादा-दानी, नाना-नानी मेरी देखभाल करते थे. इस परंपरा को आगे ले जाना मेरी जिम्मेदारी है."

फोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक जुकरबर्ग दुनिया के 21वें नंबर के रईस हैं. फेसबुक के शेयरों में उनकी हिस्सेदारी 27 अरब डॉलर की है. फेसबुक की मार्केट वैल्यू 184 अरब डॉलर है. अमेरिका में समाजसेवा के लिए पैसा दान करने का बड़ा चलन है. माइक्रोसॉफ्ट के प्रमुख बिल गेट्स और बेर्कशायर हैथअवे के सीईओ वॉरेन बफेट जैसे दुनिया के सबसे धनी कारोबारी अपनी ज्यादातर संपत्ति दान कर चुके हैं.

भारतीय कारोबारी अजीम प्रेमजी भी ऐसी मुहिम का समर्थन करते हैं. विप्रो अध्यक्ष आजीम प्रेमजी 2013 तक 8,000 करोड़ की संपत्ति भारतीय स्कूलों, गांवों और पर्यावरण संरक्षण के लिए दान कर चुके हैं.

ओएसजे/एमजी(एपी)

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