फेडरर एडबर्ग की जादुई जोड़ी | खेल | DW | 16.01.2014
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खेल

फेडरर एडबर्ग की जादुई जोड़ी

स्वीडन के स्टीफन एडबर्ग और स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर टेनिस के दुनिया में सपनीले राजकुमारों की जगह रखते हैं. ऑस्ट्रेलियाई ओपन में दोनों एक साथ नजर आ रहे हैं. फेडरर के गुरु बने हैं एडबर्ग.

साल के पहले ग्रैंड स्लैम में फेडरर ने जीत के साथ शुरुआत की है. कोर्ट के बाहर उनके कोच एडबर्ग अचंभित होकर देख रहे थे कि कैसे बहुत कम वक्त में फेडरर ने खुद उनकी टेनिस को आधार बना कर अपना खेल बदल दिया है. वह अब सर्विस करने के बाद वॉली करने में यकीन रखने लगे हैं. फेडरर का कहना है, "रिश्ता सिर्फ दो दिन पुराना है. लेकिन उनके सामने खेलना जैसे सपने का सच होना है. मैं उनके खेल को देख कर बड़ा हुआ हूं और कोर्ट में वह मेरे लिए मौजूद हैं, इससे बड़ी बात क्या हो सकती है."

32 साल के फेडरर टेनिस की दुनिया के सबसे कामयाब खिलाड़ी हैं, जिनके नाम चार ऑस्ट्रेलियाई ओपन सहित कुल 17 ग्रैंड स्लैम हैं. लेकिन पिछला साल यानी 2013 उनके लिए बेहद बुरा साबित हुआ, जब वह एक भी ग्रैंड स्लैम नहीं जीत पाए.

तराशने की ख्वाहिश

अठारह साल बाद कोर्ट पर लौटे हैंडसम एडबर्ग भले 47 साल के हो गए हों लेकिन अभी भी वैसे ही दिखते हैं. खुद भी नंबर एक खिलाड़ी रह चुके हैं और दो बार ऑस्ट्रेलियाई ओपन जीत चुके एडबर्ग के पास फेडरर में कमी निकालने को बहुत कुछ नहीं है, "टेनिस के लिहाज से वह एक शानदार खिलाड़ी हैं. लेकिन हमेशा छोटी छोटी चीजें होती हैं, जिन पर काम किया जा सकता है. मुझे लगता है कि मैं यहां काम आ सकता हूं और अगर ऐसा हुआ तो वह अपनी पुरानी जगह पर लौट सकते हैं."

1990 के दशक में टेनिस की दुनिया पर राज करने वाले एडबर्ग ने 1996 में कोर्ट को अलविदा कहा. तब तक वह छह ग्रैंड स्लैम जीत चुके थे. फेडरर के साथ जुड़ना एडबर्ग के लिए भी ताज्जुब की बात है, "यह मेरे लिए भी आश्चर्य है कि मैं यहां हूं. उन्होंने तो बस मुझे एक कॉल किया और पूछा कि मैं क्या कर रहा हूं. मुझे लगता है कि रोजर इतना खास व्यक्ति है कि वह सबसे बड़ी वजह रही कि मैंने इस भूमिका के बारे में सोचा." नई भूमिका अपनाने से पहले उन्होंने अपने परिवार वालों से भी राय मशविरा किया क्योंकि डेढ़ दशक से वह शांतिपूर्ण जीवन बिता रहे थे.

बढ़ सकते हैं फेडरर

एडबर्ग का कहना है कि फेडरर इस खेल के लिए इतने महान हैं कि उन्हें लंबे वक्त तक इसमें बनाए रखना भी अच्छी बात होगी. वह मानते हैं कि अगर फेडरर तकनीक में थोड़ा बदलाव करें तो अपने ग्रैंड स्लैम की संख्या बढ़ा सकते हैं. उनके पीछे स्पेन के रफाएल नाडाल हैं, जिनके पास 13 ग्रैंड स्लैम हैं और जो फेडरर से पांच साल छोटे हैं.

एडबर्ग उस एलीट क्लब में शामिल हुए हैं, जिसमें इवान लेंडल और बोरिस बेकर भी आ चुके हैं. बेकर सर्बिया के खिलाड़ी नोवाक जोकोविच के कोच हैं और लेंडल ब्रितानी खिलाड़ी एंडी मरे को गुर सिखा रहे हैं.

अपने वक्त में एडबर्ग जर्मन खिलाड़ी बोरिस बेकर से कई बार भिड़ चुके हैं और 1989 में एडबर्ग को हरा कर ही बेकर विंबलडन चैंपियन बने थे. जब उनसे पूछा गया कि इस दौर में आपसी भिड़ंत कैसी चल रही है, तो एडबर्ग ने कहा, "अगर हमें आपस में मुकाबला करना पड़े, तो मुझे लगता है कि कोर्ट पर मैं भारी पडूंगा." फिलहाल दोनों गुरुओं के चेलों जोकोविच और फेडरर को खिताबी टक्कर में टकराना पड़ सकता है.

एजेए/एमजे (डीपीए)

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