फिर सुर्खियों में है यूरोप में शरणार्थियों का मुद्दा | दुनिया | DW | 04.10.2019
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दुनिया

फिर सुर्खियों में है यूरोप में शरणार्थियों का मुद्दा

यूरोप में शरणार्थियों का मामला फिर गरमाता जा रहा है. ग्रीस के प्रधानमंत्री ने तुर्की पर आरोप लगाया है कि वह यूरोप के शरणार्थी संकट को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है.

ग्रीस 2015 में तुर्की से यूरोप आने वाले लाखों शरणार्थियों का रास्ता था. वे तुर्की और ग्रीस के बीच समुद्र से होकर यूरोप में घुसे थे. अब ग्रीस एक बार फिर एजियन सागर पार कर ग्रीस के द्वीपों पर पहुंचने वाले शरणार्थियों की संख्या में वृद्धि का सामना कर रहा है. तीन साल तक तुर्की से होकर आने वाले शरणार्थियों की संख्या कम रहने के बाद एक बार फिर बढ़ रही है और ग्रीस के शरणार्थी कैंप भरे पड़े हैं. इसकी वजह से ग्रीस के शरणार्थी कैंपों पर दबाव और बढ़ गया है और देश की कंजरवेटिव सरकार ने शरणार्थियों के आने पर रोक के लिए सीमा पर सख्त नियंत्रण के साथ और ज्यादा लोगों को वापस भेजने का फैसला किया है.

ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस ने शुक्रवार को संसद को संबोधित करते हुए कहा, "मैं एकदम साफ कहता हूं, तुर्की को भी जिम्मेदारी लेनी होगी." ग्रीक प्रधानमंत्री ने कहा कि तुर्की एजियन में लोगों के आने को नियंत्रित करने में सक्षम है. "वह ये आभास नहीं दे सकता कि वह अपने भूराजनीतिक लक्ष्यों के लिए इसका इस्तेमाल कर रहा है."

तुर्की से ग्रीस आने वाले शरणार्थियों की तादाद में तब कमी आई थी जब यूरोपीय संघ और तुर्की ने 2016 में एजियन सागर वाले रास्ते को बंद करने का फैसला किया था. पिछले अगस्त और सितंबर से इसका फिर से बढ़ना शुरू हो गया और पिछले तीन साल के रिकॉर्ड मासिक स्तर पर पहुंच गया. सीरिया के 36 लाख शरणार्थियों को पनाह देने वाले तुर्की ने उत्तरी सीरिया में शरणार्थियों का पुनर्वास करने की योजना को पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय सहायता नहीं मिलने पर अपने दरवाजे खोल देने की धमकी दी है. तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तय्यप एर्दोवान ने यूरोप पर पर्याप्त सहायता नहीं भेजने का आरोप लगाया था.

तुर्की का उत्तरी सीरिया पर नियंत्रण है और उसका कहना है कि करीब 350,000 शरणार्थी वहां वापस लौट गए हैं. सीरिया के पूर्वोत्तर में वह अमेरिका के साथ मिलकर सुरक्षित क्षेत्र बना रहा है और उसका कहना है कि वहां इससे भी ज्यादा शरणार्थियों को बसाया जा सकता है. यूरोपीय संघ और तुर्की के बीच हुए 2016 के समझौते के तहत तुर्की ने ग्रीस जाने वाले ऐसे शरणार्थियों को वापस लेने का वादा किया था जो शरण पाने के योग्य नहीं हैं. बदले में यूरोपीय संघ को सीरिया के हजारों शरणार्थियों को लेना था और तुर्की की 6 अरब यूरो की आर्थिक मदद करनी थी. सितंबर तक ईयू ने तुर्की को 2.57 अरब का भुगतान कर दिया है.

इस साल यूरोप में अब तक 78,000 शरणार्थी और आप्रवासी आए हैं. संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार उनमें से आधे से ज्यादा ग्रीस पहुंचे हैं. उनमें 40 प्रतिशत परिवार अफगानिस्तान से हैं जबकि 20 प्रतिशत सीरिया से हैं. प्रधानमंत्री मित्सोताकिस का कहना है कि ज्यादातर शरणार्थियों का "प्रोफाइल आर्थिक आप्रवासियों वाला है, शरणार्थियों वाला नहीं." उन्होंने कहा है कि अगले साल के अंत तक 10,000 अस्वीकृत शरणार्थियों को उनके देशों में वापस भेज दिया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी है कि शरणार्थियों का मुद्दा बना रहेगा, "यूरोप अफ्रीका और मध्यपूर्व के देशों के लिए आकर्षण बना रहेगा."

शरणार्थियों के मुद्दे पर तनाव के बीच जर्मनी के गृहमंत्री हॉर्स्ट जेहोफर और यूरोपीय आप्रवासन कमिसार दिमित्रास अव्रामोपुलोस ने तुर्की के गृह और विदेश मंत्री से मुलाकात की है. जर्मन और यूरोपीय अधिकारियों से बातचीत को तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत चावुसोग्लू ने खुला और उत्पादक बताया है. जेहोफर और अव्रामोपुलोस ने तुर्की के गृह मंत्री सुलेमान सोयलू के साथ बातचीत में शरणार्थी समस्या के समाधान में समर्थन का आश्वासन दिया.

एमजे/एके (रॉयटर्स, एएफपी)

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