प्रेमियों से परेशान ताज महल | दुनिया | DW | 07.10.2012
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दुनिया

प्रेमियों से परेशान ताज महल

अचानक बढ़ी पर्यटकों की तादाद ताज महल के लिए खतरा बन गई है. मोहब्बत की इस बेमिसाल विश्व विख्यात निशानी का दीदार करने के लिए पिछले दो महीनो में अचानक 40 फीसदी ज्यादा लोग आ रहे हैं.

सैलानियों की इस बढ़ी भीड़ से आगरा के प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं. ताज की तरफ जाने वाली हर सड़क पर कारों की लम्बी लम्बी कतारें नज़र आती हैं. हर सड़क पर लम्बा जाम लगने लगा है और आगरा निवासियों के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है. आम तौर पर शाम के सात बजते बजते सो जाने वाला आगरा शहर इन दिनों छुट्टी के दिन देर रात तक वाहनों की चिल्ल-पों से आजीज रहने लगा है. इस नई तब्दीली के लिए आगरा के लोग ताज एक्सप्रेसवे को कोस रहे हैं.

दिल्ली के पास ग्रेटर नॉएडा से आगरा तक 165 किलोमीटर के इस ताज एक्सप्रेसवे की बुनियाद 2001 में मायावती ने डाली थी. लेकिन उनकी सरकार चली गई तो ये प्रोजेक्ट भी बंद हो गया. उसके बाद 2007 में जब फिर उनकी सरकार बनी तो इसे पुनर्जीवित किया गया और ये जब तक तैयार हुआ मायावती की सरकार फिर चली गई. इसी का नतीजा है की इसका उदघाटन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसी साल 9 अगस्त को किया. भारत के सबसे बड़े इस नियंत्रित एक्सप्रेसवे की लागत करीब 1300 करोड़ यानी लगभग ढाई अरब डालर आई है. इस पर कारों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा और बड़े वाहन 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलाने की अनुमति है.

Neue Autobahn von Neu Delhi nach Agra

आगरा जाने के लिए नया रास्ता बहुत अच्छा है

छोटे व्यापारियों की मौज

लेकिन ताजगंज के रफीक हाथ पंखा बेचते है और पर्यटकों के बढती तादाद से बहुत खुश हैं. उनके तीन दर्जन पंखे पहले शाम तक नहीं बिकते थे अब दोपहर होते होते बिक जाते हैं. ताज महल की आस पास और ताज परिसर के अन्दर दुकानदार भी प्रसन्न हैं. उनकी बिक्री भी बढ़ी है. लेकिन प्रशासन परेशान है. इस बारे में कोई बात नहीं करता. उनकी परेशानी समझ में भी आती है. जुलाई में जहां चार लाख 15 हजार पर्यटक आ रहे थे, वहीं अगस्त में अचानक इनकी तादाद बढ़कर पांच लाख 90 हज़ार हो गई. एक्सप्रेसवे का ही नतीजा है की सितम्बर में भी चार लाख 90 हजार 381 पर्यटक आगरा आए.

पर्यटकों की बढ़ती संख्या के लिए टिकट के अलग काउंटर खोलने पड़े हैं और सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी करनी पड़ी है. फिलहाल सुरक्षा के लिए ताज महल परिसर के अन्दर ' रेड जोन' में सीआईएसएफ के 275 कर्मचारी तैनात हैं. ताज के पश्चिमी गेट पर पांच डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगे हैं, पूर्वी गेट पर चार और दक्षिणी गेट पर एक मेटल डिटेक्टर लगा है. इसके आलावा एयरपोर्ट की तर्ज पर तीन एक्सरे मशीने लगी हुई हैं. परिसर के बाहर करीब 2,500 यूपी पुलिस, पीएसी और टूरिस्ट पुलिस के सिपाही तैनात हैं.

Venusdurchgang

ताज महल की मीनार को चूमता एक पंछी

होटल वाले मायूस

आगरा आने वाले सैलानियों की तादाद में 25 से 40 फीसदी का इजाफा यहां के होटल व्यवसाइयों के लिए खुशियों की सौगात का सबब नहीं बन सका. यूपी होटेलियर्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेन्द्र जयसवाल इस तब्दीली पर बहुत हैरानी व्यक्त कर रहे हैं. उनके मुताबिक आगरा में रात्रि विश्राम करने वाले पर्यटकों की तादाद में 40-45 फीसदी की गिरावट आ गई है. होटलों की एडवांस बुकिंग भी बहुत कम हो गई है. आगरा के एक होटल के मालिक सौरभ बंसल बताते हैं कि एक्सप्रेस वे खुलने से पहले अगर 100 पर्यटक आगरा आते थे तो उनमें से 35 यहां रात में रुकते थे. लेकिन अब ऐसे पर्यटकों की तादाद सिर्फ 18-20 फीसदी ही रह गई है. क्यूंकि अब दिल्ली का रास्ता सिर्फ डेढ़-दो घंटे का हो गया है.

सैलानियों के बोझ से धंस रहा ताज

बढती सैलानियों की आमद से ताज की सीढियां, उसके कंगूरे, कारीडोर के पत्थर और अन्य स्थान धंस रहे हैं. पुरातत्व विभाग ने इस पर चिंता जताते हुए ताज में सैलानियों के ठहराव को कम करने की सलाह सरकार को भेजी है. इसके आलावा नागपुर के राष्ट्रीय पर्यावरण यांत्रिकी शोध संस्थान के तीन सदस्यीय दल ने भी अध्ययन शुरू कर दिया है. इसके वैज्ञानिको ने भी अपने प्रारंभिक सर्वेक्षण में ताज परिसर में पर्यटकों के दबाव को कम करने का मशिवरा दिया है. इसके आलावा ताज के मुख्य गुम्बद पर एक समय में सैलानियों की संख्या निर्धारित करने का भी प्रस्ताव भारत सर्कार को भेजा गया है.

रिपोर्ट: सुहेल वहीद, लखनऊ

संपादनः मानसी गोपालकृष्णन