पेरू के पूर्व राष्ट्रपति ने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को मारी गोली | दुनिया | DW | 18.04.2019
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दुनिया

पेरू के पूर्व राष्ट्रपति ने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को मारी गोली

एलन गार्सिया कभी पेरू के करिश्माई नेता हुआ करते थे. इतने लोकप्रिय कि दो दो बार राष्ट्रपति चुने गए. लेकिन अब भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने खुद को गोली मार ली.

एलन गार्सिया का राष्ट्रपति कार्यकाल उतार चढ़ाव वाला रहा था. आखिर में वे ओडेब्रेष्ट भ्रष्टाचार कांड में फंसे जिसमें लैटिन अमेरिका को अपने घेरे में ले लिया था. इस कांड में पेरू के तीन और राष्ट्रपति फंस चुके हैं. बुधवार को जब पुलिस 69 वर्षीया गार्सिया को गिरफ्तार करने उनके घर आई तो उन्होंने खुद को सिर में गोली मार ली. पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए बगल के कमरे में इंतजार कर रही थी.

एलन गार्सिया ने भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि उन्हें राजनीतिक उत्पीड़न का निशाना बनाया गया है. मंगलवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा था, "दूसरे खुद को बेच सकते हैं, मैं नहीं." वे ये वाक्य पहले भी दोहराते थे जब उनके दुश्मन ब्राजील के बिल्डर ओडेब्रेष्ट से जुड़े भ्रष्टाचार कांड में फंस रहे थे. ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा भी एक भ्रष्टाचार कांड के सिलसिले में जेल में हैं. मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले एलन गार्सिया को लैटिन अमेरिका के सबसे अच्छे वक्ताओं में माना जाता था. उन्होंने वामपंथी नेता के रूप में 1985 से 1990 तक पेरू में शासन किया. फिर 2006 में विदेशी निवेश और मुक्त व्यापार के वकील के रूप में वे फिर से राष्ट्रपति चुने गए.

लोकप्रियता में दरार

राजधानी लीमा में लॉ की डिग्री लेने और स्पेन की राजधानी मैड्रिड में राजनीति शास्त्र की पढ़ाई करने के बाद वे देश की संसद के लिए चुने गए और 1985 में 36 साल की उम्र में एप्रा पार्टी के अध्यक्ष चुने गए. उन्होंने ऐतिहासिक रूप से अलग थलग पड़े पेरूवासियों को राजनीतिक मुख्य धारा में लाने और देश की अपार खनिज संपदा का इस्तेमाल गरीबी में रहने वाले लाखों लोगों के लिए करने का वादा किया. उनकी व्यापक लोकप्रियता के कारण एक समय में उन्हें पेरू का कैनेडी कहा जाता था.

लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी लोकप्रिया में दरार पड़ने लगी. 1986 में सुरक्षा बलों ने लीमा जेल में दंगा कर रहे सैकड़ों गुरिल्लों को मार डाला. इससे मानवाधिकारों के रक्षक की उनकी छवि को दाग लगा. 1987 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने और विदेशी कर्ज चुकाने से मना करने की उनकी कोशिश से उनकी लोकप्रियता और गिरी. इससे कारोबारी वर्ग का उनसे मोहभंग हो गया और देश में मंदी आ गई. उनके पहले कार्यकाल का अंत 20 लाख प्रतिशत मुद्रास्फीति से हुआ.

दूसरा मौका

लेकिन एलन गार्सिया हार मानने वाले राजनीतिज्ञों में नहीं थे. उन्हें एक और मौका मिला. 1990 में राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों से बचने के लिए उन्होंने 9 साल विदेश में गुजारे. उसके बाद वे देश वापस लौटे और फिर से लोगों को आकर्षित करने और राष्ट्रपति बनने में सफल रहे. हालांकि वे 2001 का चुनाव हार गए लेकिन लोगों के बीच अपनी छवि फिर से बनाने में सफल रहे. 2006 में वे फिर से राष्ट्रपति चुने गए.

अपने दूसरे कार्यकाल में गार्सिया को देश में आर्थिक विकास लाने में कामयाबी मिली. वे खनन और ऊर्जा के क्षेत्र में अरबों डॉलर विदेशी निवेश लाने में कामयाब रहे. वित्तीय संकट आने के ठीक पहले उन्हें पेरू की अर्थव्यवस्था को खोलने के लिए भी जाना जाता है. पेरू अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का डार्लिंग बन गया. लेकिन 2011 में राष्ट्रपति पद से हटने के बाद गार्सिया की लोकप्रियता लगातार गिरती गई. इसकी एक वजह उनके कार्यकाल में हजारों ड्रग डीलरों को सरकार द्वारा दी गई माफी भी थी.

एलन गार्सिया उन नौ लोगों में शामिल थे जिन्हें एक जज ने बुधवार को ओलब्रेष्ट भ्रष्टाचार की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार करने का आदेश दिया था. लेकिन पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने से पहले ही उन्होंने खुद को गोली मार ली और बाद में अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई. राष्ट्रपति मार्टिन विस्कारा ने देश के झंडे को आधा झुकाने के आदेश दिए, हालांकि गार्सिया ने उन पर अपना मुंह बंद कराने की कोशिश का आरोप लगाया था.

एमजे/ओएसजे (रॉयटर्स)

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