पेरिस में खाने के खिलाड़ी | मंथन | DW | 02.04.2014
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मंथन

पेरिस में खाने के खिलाड़ी

फ्रांस के एक पति पत्नी खाने के साथ ऐसा खेल कर सकते हैं कि देखने वाला खाना ही भूल जाए. ये दोनों खाने से पूरा पूरा संसार बना सकते हैं और नाम देते हैं मिनिमियाम.

अकीदो इदा और पियर जावेल, दोनों पेरिस में रहते हैं और पति पत्नी हैं. खाने को कारण ही प्यार और शादी हुई है. दोनों मिल कर छोटी बड़ी प्रदर्शनी लगाते हैं, जिसमें खाने का इस्तेमाल होता है. खाने पीने के सामान से एक व्यवस्थित शहर का मॉडल बना देते हैं. कभी पूरा शहर डेयरी प्रोडक्ट, चॉकलेटों, चीज और बटर से तैयार होता है, तो कभी मूंगफली पर वो इंसान की मेहनत उकेर देते हैं. पेरिस में अंतरराष्ट्रीय कृषि प्रदर्शनी में भी दोनों का जलवा दिखा.

लंबा चौड़ा खाने का शहर तैयार करने से पहले लंबा चौड़ा काम भी करना होता है. पियर जावेल ने जो शहर तैयार किया है, उसमें पूरा औद्योगिक दूध उत्पादन केंद्र है. वह बताते हैं, "हम दही की भी छोटी सी दुनिया बना सकते हैं. चीज और क्रीम की भी. हमने तो मक्खन की भी दुनिया बनाई है."

लेकिन इस काम में बहुत धैर्य और अनुभव की जरूरत है. जावेल के मुताबिक, "खाना वक्त के साथ बदलता है. सूख जाता है और खराब हो जाता है. इसलिए असली खाने के साथ तेजी से काम करना पड़ता है. यह एक बड़ी चुनौती है."

जापानी मूल की इदा और फ्रांसीसी जावेल ने कभी पेरिस में ही पढ़ाई की थी. वहीं कला पढ़ते पढ़ते उन्हें प्रेम हो गया और फिर अपने संसार को खाने की दुनिया से जोड़ दिया. उनकी कमाई का सबसे बड़ा जरिया भी खाना ही है. दोनों पेशेवर फूड फोटोग्राफी करते हैं. इदा बताती हैं, "हमारे ज्यादातर आइडिया रोजमर्रा की चीजों से ही आते हैं."

दोनों ने मिल कर 100 से ज्यादा बार खाने की दुनिया बसाई है. अब वे अपनी तस्वीरों पर किताब लिख रहे हैं.

रिपोर्टः ओटी तुरुनेन/एजेए

संपादनः ओंकार सिंह जनौटी