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Indien Zuhause um einen Feigenbaum in Jabalpur
तस्वीर: Getty Images/AFP/U. S. Mishra
समाज

पेड़ काटा नहीं, बल्कि पेड़ के आसपास घर बना लिया

१८ जून २०१९

जबलपुर में रहने वाला केसरवानी परिवार अपने घर का विस्तार करना चाहता था. इसके लिए बगीचे में एक पुराने पीपल के पेड़ को काटने की नौबत आ गई. लेकिन उन्होंने पेड़ काटा नहीं, बल्कि उसके आसपास ही घर बना लिया.

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जबलपुर के मध्य में स्थित इस घर से मोटी मोटी शाखाएं बाहर निकलती हुई दिखती हैं और अब यही इसकी पहचान भी है. योगेश केसरवानी के माता पिता ने एक इंजीनियर की मदद से 1994 में यह घर बनवाया था.

वह कहते हैं, "हम प्रकृति से प्यार करने वाले लोग हैं और मेरे पिता का पक्का इरादा था कि हम इस पेड़ को रखेंगे. अब यह पेड़ 150 साल का हो गया है. इस तरह के पेड़ को काटना आसान है लेकिन उगाना बहुत मुश्किल."

Indien Zuhause um einen Feigenbaum in Jabalpur
तस्वीर: Getty Images/AFP/U. S. Mishra

भारत में कई जगहों पर पीपल के पेड़ को पवित्र समझा जाता है. बहुत से लोगों के मुताबिक इसे काटना अशुभ होता है. योगेश केसरवानी कहते हैं, "हम मानते हैं कि 35 करोड़ देवी देवता एक पीपल के पेड़ में रहते हैं. गीता में भी पीपल का उल्लेख किया गया है."

योगेश की पत्नी सुबह के समय कहीं जाए बिना घर में ही पूजा कर सकती हैं. केसरवानी परिवार लोगों को संदेश देना चाहता है कि इस तरह भी पेड़ों को बचाया जा सकता है. अपनी खास पहचान की वजह से केसरवानी परिवार का घर एक लैंडमार्क बन गया है. इस घर खिड़कियों से निकलने वाली पत्तियां को लोगों का ध्यान खींचती हैं और वे रुक कर इसे देखने लग जाते हैं.

केसरवानी कहते हैं, "जब इस घर को पहली बार बनाया गया था, तो इंजीनियरिंग के छात्र यहां पर आते थे और इस अनोखे डिजाइन को समझने की कोशिश करते थे." वह कहते हैं कि पेड़ की वजह से परिवार को कभी कोई परेशानी नहीं हुई. "हमें तो महसूस भी नहीं होता कि पेड़ है क्योंकि इसकी वजह से कोई अड़चन पैदा नहीं होती. यह बस चुपचाप खड़ा रहता है."

एके/एए (एएफपी)

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तस्वीर: Getty Images/AFP/U. S. Mishra

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