पानी को तरसती दुनिया | मंथन | DW | 29.08.2013
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मंथन

पानी को तरसती दुनिया

दुनिया के ढाई अरब लोगों को बेहतर सैनिटेशन की जरूरत है और हर 10 में से एक शख्स अभी भी साफ और जरूरी पोषक तत्वों से लैस पानी से दूर है.

संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक सहयोग और विकास संस्था के मुताबिक 2050 तक पानी की मांग अब के मुकाबले 55 फीसदी ज्यादा हो जाएगी. उस वक्त यह समस्या और बड़ी होगी क्योंकि ग्लोबल वॉर्मिंग का जहर इसे और उलझाएगा. पर्यावरण विज्ञानियों का कहना है कि सबसे ज्यादा समस्या उत्तरी अमेरिका, मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के लोगों के लिए होगी.

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