पाक में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ | खेल | DW | 03.07.2013
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

पाक में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ

पाकिस्तानी मूल के क्रिकेट खिलाड़ी फव्वाद अहमद को ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता दिए जाने पर रिश्तेदारों और दोस्तों ने ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की है. माहौल बन रहा है कि ऐशेज में फव्वाद की फिरकी से इंग्लैंड को तारे नजर आ सकते हैं.

हालांकि 31 साल के फव्वाद ने सिर्फ 10 फर्स्ट क्लास क्रिकेट मैच खेले हैं. उन्होंने पाकिस्तान में ये मैच खेले हैं और उन्हें बहुत ज्यादा कामयाबी भी नहीं मिली. लेकिन बाद में वह ऑस्ट्रेलिया चले गए और उन्होंने राजनीतिक शरण की मांग की. उनका दावा था कि वह महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा दे रहे थे, जिसकी वजह से तालिबान ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है.

मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें नागरिकता देने का फैसला किया. वह ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के साथ हैं, जिसे 10 जुलाई से इंग्लैंड में ऐशेज क्रिकेट सीरीज खेलनी है. उनके भाई सज्जाद अहमद का कहना है, "मैं अपने छोटे भाई के लिए बहुत बहुत खुश हूं." सज्जाद खैबर पख्तूनख्वाह में एक छोटे से गांव सवाबी में रहते हैं, जहां तालिबान का खासा प्रभाव है.

उनका कहना है, "यह इंग्लैंड के लिए परेशानी का सबब बन सकता है, क्योंकि अगर आप इंग्लैंड का रिकॉर्ड देखें, तो 2012 में वह हमारे स्पिनर सईद अजमल के हाथों ढेर हो गए थे." पिछले साल संयुक्त अरब अमीरात में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैचों में अजमल ने 24 विकेट झटके थे और उसने 3-0 से सीरीज जीती थी. अजमल को इस वक्त दुनिया का सबसे अच्छा स्पिनर माना जाता है.

Fawad Ahmed

अच्छे स्पिनर बताए जाते हैं फव्वाद

प्रोपर्टी डीलर का काम करने वाले सज्जाद का मानना है कि उनके भाई की समस्याएं खत्म होने का वक्त आ गया है, "उसने मां से भी बात की है. उसने बहुत सहा है और अब उसे वह मिला है, जिसका वह हकदार है. कुछ साल पहले तक तो हम इसका सपना भी नहीं देख सकते थे."

शरण लेकर ऑस्ट्रेलिया में रह रहे फव्वाद पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ए की तरफ से खेले और सेलेक्टर जॉन इनवेरिरिटी ने तभी संकेत दे दिया था कि उनका चयन राष्ट्रीय टीम के लिए हो सकता है. ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने नागरिकता देने के कानून में बदलाव की वजह से यह सभंव हो रहा है.

नए कानून के तहत प्रतिभाशाली एथलीट कम समय तक ऑस्ट्रेलिया में रहने के बावजूद नागरिकता का आवेदन दे सकते हैं, बशर्ते कि वह राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करें.

पाकिस्तान में रहते हुए फव्वाद ने अपने दो भाइयों के साथ कब्रिस्तान में क्रिकेट खेला है क्योंकि उनके गांव सवाबी में खेलने का मैदान नहीं था. इलाके के क्रिकेट एसोसिएशन अध्यक्ष आमिर नवाब का कहना है कि उनमें शुरू से प्रतिभा थी, "फव्वाद बहुत अच्छा स्पिनर है और इस बात का अफसोस है कि वह पाकिस्तान के लिए नहीं खेल पाया. इस घटना के बाद जिन लोगों को पाकिस्तान में तवज्जो नहीं दी जाती, उनके रास्ते खुल सकते हैं."

हालांकि पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज जलालुद्दीन का मानना है कि फव्वाद का मामला सबसे अलग है. जलालुद्दीन वनडे क्रिकेट में हैट ट्रिक लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1982 में यह कारनामा किया था. उनका कहना है, "हो सकता है कि इसके बाद दूसरे खिलाड़ी भी ऑस्ट्रेलिया जाना चाहें लेकिन वहां क्रिकेट बहुत मुश्किल है."

उनका कहना है कि फव्वाद उतना अच्छा नहीं था, जितना अभी दिख रहा है, हो सकता है कि "उसने ऑस्ट्रेलिया में कड़ी मेहनत की और अपनी बॉलिंग सुधारी."

एजेए/ओएस (एएफपी)

DW.COM

WWW-Links

विज्ञापन