पाकिस्तान में योग केंद्र में आगजनी | दुनिया | DW | 10.03.2014
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दुनिया

पाकिस्तान में योग केंद्र में आगजनी

इस्लामाबाद पुलिस को आर्ट ऑफ लिविंग के योग केंद्र को आग लगाने वालों का कोई सुराग नहीं मिला है. माना जा रहा है कि एक न्यूज चैनल पर दिखाये गए कार्यक्रम के बाद यह हमला हुआ. हमलावरों ने इमारत में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी.

इस्लामाबाद के समृद्ध इलाके बनी गला में चल रहे इस योग केंद्र की स्थापना खुद आर्ट ऑफ लिविंग के प्रमुख रविशंकर ने की थी. कभी तालिबान को शांति वार्ता का प्रस्ताव देने वाले रविशंकर का यह योग केंद्र शनिवार शाम हमले का शिकार हुआ.

पुलिस अधिकारी नायर सलीम के मुताबिक, "वहां सिर्फ दो गार्ड थे. करीब आठ लोग आए और उन्होंने पूछा कि पैसे कहां रखे हैं. जब गार्डों ने कहा कि उन्हें नहीं पता तो उन्हें बांध दिया गया और इमारत को आग लगा दी गई." योग केंद्र के चार कमरे पूरी तरह खाक हो गए.

योग केंद्र की अधिकारी मीना गाबीना के मुताबिक, "दो कारों से करीब आठ लोग आए और उन्होंने गार्डों को बांध दिया. उन्होंने सुरक्षा गार्डों के सिर और पैर पर वार भी किए. उन्होंने चार कमरे पूरी तरह जला दिए, बाकी कमरों में भी पेट्रोल है." आगजनी होते ही शोरगुल हुआ और पड़ोस के लोग जमा होने लगे, इसी बीच हमलावर भाग गए.

गाबीना के मुताबिक कुछ ही दिन पहले एक न्यूज चैनल में एक कार्यक्रम प्रसारित हुआ था. कार्यक्रम में योग केंद्र को 'राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता' बताया गया और कहा गया कि ये सेंटर "पाकिस्तान के लोगों के आदर्शों और संस्कृति के खिलाफ" है. आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रविशंकर ने 2012 में पाकिस्तान जाकर इस सेंटर का उद्धाटन किया था.

ऑर्ट ऑफ लिविंग के दुनिया के 152 देशों में योग केंद्र चल रहे हैं. पाकिस्तान में इस्लामाबाद के अलावा लाहौर और कराची में भी इसके योग सेंटर हैं. आर्ट ऑफ लिविंग 1996 से संयुक्त राष्ट्र के साथ गैर सरकारी संगठन के रूप में संबद्ध है और उसे विश्व संस्था की आर्थिक और सामाजिक परिषद यूनेस्को में सलाहकारी दर्जा प्राप्त है. वह संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान दे रहा है.

ओएसजे/एमजे (पीटीआई, एएफपी)

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