पाकिस्तान में ″इमरान″ चप्पल पर मच रहा है हल्ला | दुनिया | DW | 24.04.2019
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दुनिया

पाकिस्तान में "इमरान" चप्पल पर मच रहा है हल्ला

पाकिस्तान की पेशावरी चप्पलों को अब यूरोपीय शू डिजाइनर क्रिस्चियां लुबुतां के "इमरान" ब्रांड ने दुनिया भर में मशहूर कर दिया है. सोशल मीडिया पर लोग इसे संस्कृति से तोड़-मरोड़ बता रहे हैं.

फ्रांस के मशहूर शू डिजाइनर क्रिस्चियां लुबुतां अपनी खास सेंडल डिजाइनों के लिए जाने जाते हैं. लेकिन अब उनकी एक सैंडल पाकिस्तान में हंगामा मचा रही है. हाल में जब लुबुतां ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर अपने नए शू डिजाइन की घोषणा की, तो पाकिस्तान के सोशल मीडिया में गहमागहमी छा गई थी. फैंस उनकी डिजाइन को देश के समृद्ध कारीगरों के प्रति सम्मान बता रहे थे तो वहीं आलोचक की आंखों में यह खूब खटक रहा था. इस नए डिजाइन का नाम है "इमरान."

बवाल इसके नाम पर नहीं बल्कि इसकी कीमत और सांस्कृतिक पहलू पर है. इसे बनाने वाली कंपनी कहती है कि नारंगी और चांदी के रंग से जड़ी यह चप्पल पाकिस्तान की पारंपरिक पेशावरी चप्पल से प्रेरित है, जो आगे से बंद है और पीछे एड़ी की तरफ से खुली. वहीं इसका नाम डिजाइनर लुबुतां के दोस्त और पाकिस्तानी आर्टिस्ट इमरान कुरैशी के नाम पर रखा गया है.

Christian Louboutin (picture-alliance/dpa)

डिजाइनर क्रिस्चियां लुबुतां

कुछ इस चप्पल को पंसद कर रहे हैं तो वहीं इसे नापंसद करने वाले कह रहे हैं कि यूरोपीय लक्जरी ब्रांड संस्कृति को तोड़-मरोड़ रहा है. कुछ यूजर्स कह रहे हैं कि इसकी कीमत आम पेशावरी चप्पल के मुकाबले बहुत ज्यादा है. डिजाइनर चप्पल की कीमत 500 डॉलर से भी ज्यादा है. पाकिस्तान में पेशावरी चप्पल की कीमत 5 डॉलर के करीब बैठती होगी. एक इंस्टाग्राम यूजर ने इमरान कुरैशी की एक पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा कि अपने दोस्त को अपने डिजाइन का नाम बदलने का मशविरा दे ताकि ये असामाजिक चीज ना बने.

हालांकि लुबुतां ने इंस्टाग्राम पर की गई अपनी घोषणा को वापस ले लिया और कहा कि सैंडल उनकी बस एक कलात्मक अभिव्यक्ति थी, जो भिन्न-भिन्न संस्कृतियों के लिए उनका प्रेम बयान करती थी. लोगों की नाराजगी पर डिजाइनर ने माफी भी मांगी और खेद जताया. लुबुतां ने कहा, "मेरे डिजाइन शिल्पकारों, कारीगरों, अलग-अलग संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देते हैं. दुनिया और इसकी विविधता हमेशा से मेरे काम के मूल में रही हैं."

साल 2014 में ब्रिटिश डिजाइनर पॉल स्मिथ ने एक सैंडल तैयार किया था, जो काफी कुछ पाकिस्तानी चप्पल की तरह दिखता था लेकिन उस पर पाकिस्तान का कोई जिक्र नहीं था. स्मिथ के डिजाइन का भी ऑनलाइन और पाकिस्तानी प्रेस में खूब विरोध हुआ था. वहीं पाकिस्तान के कुछ डिजाइनर लुबुतां के पक्ष में नजर आते हैं. फैशन डिजाइनर कमीर रोकनी लुबुतां के डिजाइन की तारीफ करते हैं और उन्हें उनके डिजाइन में कुछ भी गलत नहीं लगता. रोकनी ने कहा, "जब आप दुनिया घूमते हैं तो कई चीजों से प्रेरणा पाते हैं और जिसकी झलक आपके डिजाइन में साफ दिखती है."

पेरिस की शू बुटिक से दूर पाकिस्तान के शहर पेशावर में आम लोग, "इमरान चप्पल" को पसंद कर रहे हैं. चप्पल को पसंद करने वाले गजान खान कहते हैं कि वे इससे बहुत खुश हैं और अब तक वह 20 जोड़ी चप्पल खरीद चुके हैं. गजान खान कहते हैं कि लोगों को यह बहुत भा रही है इसलिए बहुत अच्छी है. उन्होंने कहा कि स्थानीय डिजाइनर भी "इमरान" से लाभ का कुछ हिस्सा ले सकते हैं. पेशावर में चप्पल बनाने वाले मोची कहते हैं कि पेशावरी चप्पलों की मांग बीते सालों में घटी है, क्योंकि लोगों को नए जूते और फुटवियर पसंद आने लगे हैं.

पहले लोगों को लग रहा था कि यह देश के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा शुरू किया गया कोई फुटवियर ब्रांड है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं निकला. हालांकि इमरान खान का चप्पल प्रेम जगजाहिर है. चप्पल निर्माता मानते हैं साल 2014 में इमरान खान जब विरोध प्रदर्शन कर रहे थे उस दौरान लोगों की चप्पलों की ओर पसंद बढ़ी थी. पेशावर में इमरान खान के लिए चप्पल बनाने वाले चाचा नूर दिन कहते हैं, "जब 2014 में वह विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे तब मैंने इमरान खान के लिए चप्पल तैयार की थी, और मैं रातोंरात मशहूर हो गया था."

इसके बाद से अब तक चप्पल पेशावर समेत देश के उत्तरपूर्वी इलाकों में पसंद की जाती है. पारंपरिक चप्पलों को पसंद करने वाले लुबुतां के साथ बिल्कुल भी सहमत नहीं दिखते हैं.

एए/आरपी (एएफपी)

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