पाकिस्तान ने लखवी के ख़िलाफ़ सबूत पेश किए | ताना बाना | DW | 31.01.2010
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ताना बाना

पाकिस्तान ने लखवी के ख़िलाफ़ सबूत पेश किए

पाकिस्तान सरकार ने आतंकवाद विरोधी अदालत के सामने लश्कर ए तैयबा के पूर्व संस्थापक और मुंबई हमलों के आरोपी ज़की उर रहमान लखवी के ख़िलाफ़ सबूत पेश किए है. शनिवार को लखवी समेत सात आरोपी के ख़िलाफ़ सबूत दिए गए.

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पाकिस्तान के अधिकारियों ने रावलपिंडी में लखवी और छह अन्य आरोपियों के ख़िलाफ़ सबूत अदालत को दिए. यह नहीं बताया गया है कि सबूतों में क्या क्या है और यह किस तरह के हैं. शनिवार को दिए गए सबूत जज मलिक मुहम्मद अकरम अवान के सामने पेश किए गए.

इसके बाद मामले की सुनवाई 13 फरवरी तक टाल दी गई. आरोपियों के एक वकील शहबाज़ राजपूत ने कहा, ''सबूतों की बिना पर जज ने मामले की सुनवाई 13 फरवरी तक आगे बढ़ा दी है.'' मुंबई हमलों से जुड़े आरोपियों की सुनवाई उच्च सुरक्षा में रावलपिंडी की अदियाला जेल के भीतर चल रही है.

इससे पहले 23 जनवरी को मामले की सुनवाई को दौरान लखवी और अन्य आरोपियों के वकीलों ने सुनवाई का बहिष्कार कर दिया था. वकीलों का कहना था कि सुरक्षा एजेंसियां उन्हें मुवक्किलों ने मिलने नहीं दे रही है.

पाकिस्तान में जिन सात लोगों के ख़िलाफ़ मुंबई हमलों का मुकदमा चल रहा है उनमें लखवी, ज़रार शाह, अबु अल क़ामा, हामद आमिन सादिक, शाहिद ज़मील रियाज़ और युनूस अंजुम हैं. इनके सभी के ख़िलाफ़ बीते साल मुंबई हमलों की साजिश का मुकदमा दर्ज किया गया था.

आरोप है कि इन लोगों ने नवंबर 2008 में हुए मुंबई हमलों के वक्त आतंकवादियों को पाकिस्तान से दिशा निर्देश दिए. मुंबई हमलों में 166 लोग मारे गए. हमले के दौरान एक पाकिस्तानी आतंकवादी अज़मल कसब ज़िंदा मुंबई पुलिस के हाथ लग गया. क़सब के ख़िलाफ़ भारत में मुकदमा चल रहा है.

रिपोर्ट: पीटीआई/ओ सिंह

संपादन: आभा मोंढे

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