पाकिस्तान ने क्यों भारत से चिट्ठियां लेना बंद किया? | दुनिया | DW | 21.10.2019
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दुनिया

पाकिस्तान ने क्यों भारत से चिट्ठियां लेना बंद किया?

भारत और पाकिस्तान के बीच एक नया झगड़ा डाक सेवाओं को लेकर शुरू हो गया है. पाकिस्तान के डाक विभाग ने भारत चिट्ठियां भेजना और भारत से जाने वाली चिट्ठियों को लेना बंद कर दिया है.

भारतीय मीडिया में कुछ रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारत से आखिरी डाक 27 अगस्त को स्वीकारी थी. केंद्रीय संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की. एक प्रेस  कांफ्रेस में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले दो महीनों से भारत से गई हुई चिट्ठियों को लेना बंद किया हुआ है और ऐसा उसने भारत को बिना किसी सूचना या जानकारी दिए किया.

प्रसाद का कहना था, "पाकिस्तान का यह कदम अंतरराष्ट्रीय डाक यूनियन के मानकों का सीधा उल्लंघन है. पर पाकिस्तान तो पाकिस्तान है." उन्होंने ये भी कहा की भारतीय डाक विभाग इस पर पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाने पर विचार करेगा. 

भारत में कुल 28 विदेशी पोस्ट ऑफिस हैं जिनमें से सिर्फ दो में पाकिस्तान जानी वाली और पाकिस्तान से आने वाली चिट्ठियां ली जा सकती हैं. ये पोस्ट ऑफिस दिल्ली और मुंबई में हैं. दिल्ली स्थित कार्यालय 6 राज्यों से डाक लेता है और मुंबई कार्यालय बाकी राज्यों से. जानकार बताते हैं कि पाकिस्तान भेजी जाने वाली चिट्ठियों में ज्यादातर शैक्षिक और साहित्यिक सामग्री होती है. 

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इस तरह की डाक की आवाजाही दोनों देशों के बीच व्यापार की ही तरह बहुत घुमावदार मार्ग के जरिए होती है. भारत से डाक सऊदी अरब की राजधानी रियाद जाती थी और फिर वहां से पाकिस्तान. रियाद से भी पहले चिट्ठियों का ये लेन-देन दुबई के जरिए होता था. भारतीय डाक सेवा पाकिस्तान भेजे जानी वाली हर 250 ग्राम वजन की डाक के लिए 810 रुपये शुल्क लेती है. 

कई मामलों में इसका इस्तेमाल दोनों देशों के बीच वीजा के लिए प्रायोजक चिट्ठियां भेजने के लिए भी होता है. लेकिन ये सब कागजात अब ईमेल के जरिए भी भेजे जाते हैं. 

सवाल ये उठता है कि पाकिस्तान ने यह कदम उठाया क्यों. डाक सेवाएं बाधित करने पर पूर्व भारतीय राजनयिक विवेक काट्जू ने डॉयचे वेले से कहा, "ये कदम जम्मू और कश्मीर में लाए गए संवैधानिक बदलावों के बाद पाकिस्तान की विक्षिप्त प्रतिक्रिया का हिस्सा है. ये दोनों देशों के बीच रिश्तों में, और खासकर विभाजित परिवारों की, तकलीफों को और बढ़ाएगा."

अभी तक पाकिस्तान के डाक विभाग या और भी किसी सरकारी संस्था ने इस कदम की पुष्टि नहीं की है. लेकिन भारत में इसे हाल में पाकिस्तान द्वारा उठाए कुछ कड़े कदमों के क्रम में देखा जा रहा है. फरवरी में जब भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तानी इलाके के अंदर घुसकर बालाकोट में बम गिराए थे, उसके बाद पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था और उसे महीनों बंद रखने के बाद खोला. 

अगस्त में जब भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन किया और कश्मीर के विशेष अधिकारों को समाप्त कर दिया, तब एक बार फिर पाकिस्तान सरकार ने इस कदम के विरोध में हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद कर दिया था. पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को निष्कासित भी कर दिया था और भारत के साथ व्यापार रिश्तों को तात्कालिक रूप से बंद भी कर दिया था.

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