पाकिस्तानी परमाणु हथियार केवल भारत के लिए | दुनिया | DW | 21.10.2015
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दुनिया

पाकिस्तानी परमाणु हथियार केवल भारत के लिए

चार दिन के अमेरिकी दौरे पर पहुंचे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने छेड़ा कश्मीर मुद्दा और बताया भारत के कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत को अपने परमाणु जखीरे के लिए जिम्मेदार.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कश्मीर विवाद को भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय रिश्तों में झगड़े की जड़ बताते हुए इसे सुलझाने में भारत का रवैया निराशाजनक बताया है. चार दिन की आधिकारिक यात्रा पर अमेरिका पहुंचे शरीफ ने पाकिस्तानी प्रवासियों की एक सभा को संबोधित किया. शरीफ ने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच विवाद का मुद्दा रहे कश्मीर के सुलझने से पूरे क्षेत्र में शांति और स्थायित्व आएगा.

प्रधानमंत्री शरीफ 22 अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, उपराष्ट्रपति जो बाइडन और अन्य कैबिनेट सदस्यों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे. व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति को आशा है कि अमेरिका और पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां मिल कर पाकिस्तान की अतिवादी ताकतों का मुकाबला कर पाएंगी.

शरीफ की यात्रा से पहले पत्रकारों से बातचीत में पाकिस्तान के विदेश सचिव ऐजाज चौधरी ने अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाने को सही ठहराया था. चौधरी ने कहा कि ऐसा पाकिस्तान ने भारत की ओर से होने वाले किसी संभावित हमले को रोकने के लिए किया, "हमारा परमाणु कार्यक्रम एक आयामी है: भारतीय हमले को होने से रोकना. यह युद्ध छेड़ने के लिए नहीं है. यह उसे रोकने के लिए है."

पहली बार एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी ने भारत के कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत या प्रोऐक्टिव रणनीति के बारे में पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के बारे में साफ साफ बात की है. भारत की प्रोऐक्टिव रणनीति के तहत पाकिस्तान से लगी भारतीय सीमा पर सैनिक छावनियों का एक ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है जहां से संकट की स्थिति में पाकिस्तान पर तुरंत हमला किया जा सके.

चौधरी ने उन रिपोर्टों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका उन पर एक समझौता करने के लिए दबाव बना रहा है. चौधरी ने साफ किया कि अमेरिका के दौरे पर पाकिस्तान ऐसे किसी परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करने वाला है.

भारत-पाकिस्तान सीमा पर लगातार सीजफायर उल्लंघन की खबरें आती रहती हैं. इसी साल अगस्त में दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की दिल्ली में होने वाली बैठक अंतिम समय में रद्द कर दी गई थी. अगस्त में ही दो प्रमुख अमेरिकी थिंक टैंक्स ने बयाता था कि पाकिस्तान ने मात्र एक दशक में करीब 350 परमाणु हथियार अर्जित किए हैं. इसी के साथ अमेरिका और रूस के बाद दुनिया में परमाणु हथियारों का तीसरा सबसे बड़ा जखीरा पाकिस्तान के पास इकट्ठा हो गया है, जो कि भारत से दोगुना है.

ऋतिका राय (पीटीआई)

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