पहली आधिकारिक यात्रा पर श्रीलंका के राष्ट्रपति दिल्ली में | दुनिया | DW | 29.11.2019
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दुनिया

पहली आधिकारिक यात्रा पर श्रीलंका के राष्ट्रपति दिल्ली में

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे भारत दौरे पर हैं, चुनाव जीतने के बाद गोटाबाया का यह पहला आधिकारिक विदेश दौरा है.श्रीलंका को करीब लाकर भारत क्षेत्र में चीन के प्रभाव को कम करना चाहता है.

भारत इस अवसर का इस्तेमाल श्रीलंका को अपने और करीब लाने के लिए करेगा, क्योंकि माना जाता है कि गोटाबाया चीन के ज्यादा करीबी हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण को गोटाबाया राजपक्षे ने भी स्वीकार कर सकारात्मक संकेत दिए हैं. दिल्ली में श्रीलंका के राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय बैठक की और भारत ने ऐलान किया कि वह श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कर्ज सुविधा देगा. साथ ही भारत आतंकवाद से निपटने के लिए श्रीलंका को 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर का लाइन ऑफ क्रेडिट देगा.

श्रीलंका में ईस्टर पर हुए आतंकी हमले में 268 लोगों की मौत हो गई थी. इस्लामिक स्टेट के प्रति निष्ठा रखने वाले आतंकवादियों ने तीन चर्चों और तीन होटलों में आत्मघाती बम विस्फोट किए थे. श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आपसी सुरक्षा के लिए और आतंकवाद के खिलाफ आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर मैंने राष्ट्रपति राजपक्षे के साथ विस्तार से चर्चा की है." मोदी ने कहा कि उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति को भरोसा दिलाया कि भारत श्रीलंका के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही यह भी कहा कि भारत ने श्रीलंका में तमिल मूल के लोगों के लिए 46,000 घरों का निर्माण किया और 14,000 घरों का निर्माण कार्य जारी है. एक समय में राजपक्षे ने तमिल उग्रवादियों के सफाए के लिए रक्षा सचिव के तौर पर अभियान चलाया था.

दिल्ली में राष्ट्रपति गोटाबाया ने कहा, "राष्ट्रपति के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान मैं श्रीलंका-भारत संबंधों को उच्च स्तर पर ले जाना चाहता हूं. दोनों देशों में लंबे समय से मित्रता है. हमें अपने लोगों के आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है."

Sri Lanka Rückzug des Premierministers Mahinda Rajapaksa (picture-alliance/AP Photo/E. Jayawardena)

गोटाबाया राजपक्षे के भाई महिंदा राजपक्षे पहले देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं.

गोटाबाया की भारत यात्रा इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत "नेबरहुड फर्स्ट" पॉलिसी के तहत पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देता आया है. साथ ही वह क्षेत्रीय रिश्तों को बेहतर बनाते हुए चीन के प्रभाव को पड़ोसी देश श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश में कम करना चाहता है.

गोटाबाया और उनके भाई महिंदा राजपक्षे का झुकाव चीन की तरफ देखा जाता रहा है. महिंदा राजपक्षे 2005-2015 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे और वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री हैं. विदेशी मामलों के जानकारों का मानना है कि मतभेदों के बावजूद भारत और श्रीलंका पुराने मु्द्दों को हल करने और संबंधों को बेहतर बनाने के लिए रवैये में बदलाव लाए हैं.

एए/एनआर (डीपीए)

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