पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान में हिंसा | भारत | DW | 18.04.2019
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भारत

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान में हिंसा

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में गुरुवार को पुद्दुचेरी और देश के 11 राज्यों की 95 लोकसभा सीटों के लिए हुए मतदान में करोड़ों मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इस दौरान पश्चिम बंगाल में हिंसा के मामले सामने आए.

रायगंज संसदीय क्षेत्र में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सांसद व उम्मीदवार मोहम्मद सलीम पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हमला किया. उन्होंने वहां दोबारा चुनाव कराने की मांग की है. अधिकारियों के अनुसार, मतदान में हेराफेरी की रिपोर्ट की जांच के लिए वह मतदान केंद्र पर गए थे.

दार्जिलिंग सीट के चोपरा से सर्वाधिक हिंसा की खबर आई, जहां मतदाताओं ने अपनी सुरक्षा के लिए सभी मतदान केंद्रों पर सीआरपीएफ जवानों को तैनात करने की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया. वर्ष 2009 और 2014 में इस सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी.

ग्रामीणों ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस समर्थित गुंडों द्वारा धमकाए जाने की शिकायत की है और उन्होंने राज्य पुलिस के जवानों की सुरक्षा में वोट डालने से इंकार कर दिया. उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है.

Indien Kolkata Sicherheit der Wahlbüros (DW/Payel Samanta)

चुनाव से पहले ही केंद्रीय बलों की सुरक्षा मांग रहे थे पश्चिम बंगाल के चुनाव अधिकारी

श्रीनगर में एक मतदान केंद्र पर हुई पत्थरबाजी में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया. लोकसभा चुनाव का अलगाववादियों द्वारा बहिष्कार करने की अपील किए जाने के बाद श्रीनगर में ज्यादातर मतदान केंद्रों पर मतदान बहुत कम रहा.

देश के बाकी हिस्सों में मतदान आम तौर पर शांतिपूर्ण रहा. हालांकि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी की रिपोर्ट कई राज्यों से मिली जिसके कारण कुछ जगहों पर कुछ देर मतदान बंद रहा. गुरुवार को हुए मतदान में कुल 15.7 करोड़ मतदाता 95 लोकसभा सीटों के लिए 1,606 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के पात्र थे.

कर्नाटक में गर्मी और धूलभरी हवाओं के चलने की परवाह किए बगैर भारी तादाद में मतदाओं ने मतदान केंद्रों पर जाकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया. सुबह सात बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक 14 संसदीय क्षेत्रों में करीब 40 फीसदी मतदान हुआ. कर्नाटक में मुख्य मुकाबला कांग्रेस-जनता दल (एस) गठबंधन और भाजपा के बीच है.

भारत में पहले चरण में उत्साहपूर्ण मतदान

तमिलनाडु में भी मतदान की रफ्तार तेज रही। प्रदेश की 39 लोकसभा सीटों में से 38 पर चुनाव हो रहे हैं. वेल्लोर में चुनाव स्थगित हो गया है. इस चरण में तमिलनाडु की 18 विधानसभा सीटों के लिए भी मतदान हुए. तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला अन्नाद्रमुक और द्रमुक की अगुवाई वाले गठबंधनों के बीच है. प्रदेश में दोपहर एक बजे तक 40 फीसदी मतदान हुआ. पुद्दुचेरी की भी एकमात्र लोकसभा सीट के लिए मतदान हुआ.

ओडिशा में आरंभ में मतदान की रफ्तार मंद रहने के बाद धीरे-धीरे रफ्तार तेज हो गई. इस चरण में प्रदेश की पांच लोकसभा सीटों के साथ-साथ विधानसभा की 35 सीटों के लिए मतदान हुए. ओडिशा में सत्ताधारी पार्टी बीजद ने कहा कि वह सत्ता में वापसी को लेकर आश्वस्त है, लेकिन भाजपा का दावा है कि उसे जीत मिलने जा रही है.

बिहार में लोकसभा की 40 सीटों में से पांच सीटों पर इस चरण में मतदान हुआ जिसमें अपरान्ह एक बजे तक 32 फीसदी मतदान हुआ था. प्रदेश के पांचों लोकसभा क्षेत्रों के दर्जनभर गांवों में लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया. वे विकास की कमी की वजह से नाराज हैं.

उत्तर प्रदेश में भी आठ लोकसभा सीटों के लिए गुरुवार को मतदान हुए, जिनमें मथुरा, हाथरस, अमरोहा, आगरा, फतेहपुर-सीकरी, अलीगढ़, नगीना और बुलंदशहर शामिल हैं.

दूसरे चरण के मतदान में महाराष्ट्र में 48 लोकसभा क्षेत्रों में से 10 पर वोट डाले गए. शुरुआत में मतदान की रफ्तार सुस्त रहने के बाद बाद में रफ्तार पकड़ी. इस चरण में छत्तीसगढ़ और मणिपुर में भी मतदान हुआ.

आईएएनएस

 

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