परेशान जर्मन रक्षा मंत्री को चांसलर का समर्थन | ताना बाना | DW | 25.01.2011
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ताना बाना

परेशान जर्मन रक्षा मंत्री को चांसलर का समर्थन

जर्मन नौसेना के जहाज गोर्च फोर्क में एक महिला सैनिक की मौत के प्रकरण के बाद रक्षा मंत्री गुटेनबर्ग भले ही दबाव में हों, सत्तारूढ मोर्चे की ओर से उन्हें पूरा समर्थन मिल रहा है.

हम रहेंगे साथ-साथ

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यूं तो जर्मन सेना में सैनिकों के साथ बर्ताव की जांच होने जा रही है और गोर्च फोर्क जहाज की घटनाओं की विस्तृत जांच को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन फौरी कदम के तौर पर रक्षा मंत्री कार्ल थेओडोर त्सू गुटेनबर्ग ने जहाज के कमांडर को उनके पद से हटा दिया है. विपक्ष की ओर से इस कदम की घोर आलोचना की जा रही है और सेना के अंदर भी असंतोष बढ़ गया है. लेकिन चांसलर अंगेला मैर्केल ने अपने रक्षा मंत्री का बचाव करते हुए कहा है कि वह गुटेनबर्ग के कदमों का भरपूर समर्थन कर रही हैं और उनके कदम पूरी तरह से उचित हैं.

इस बीच सीडीयू के संसदीय दल के उपनेता आंद्रेयास शॉकेनहॉफ ने सेना की समस्याओं के बारे में बेहतर सूचनाओं की मांग की है. उन्होंने कहा है कि सारे तथ्य पारदर्शी रूप से सामने आऩे चाहिए. लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि रक्षा मंत्री गुटेनबर्ग को संसदीय दल का पूरा समर्थन प्राप्त है, वे कुछ भी नहीं छिपा रहे हैं. शॉकेनहॉफ ने इस बात पर नाराजगी जताई कि अफगानिस्तान में एक सैनिक की मौत के बाद सेना की ओर से कई हफ्तों तक पूरी जानकारी नहीं दी गई.

इस बीच गोर्च फोर्क जहाज के कमांडर को हटाए जाने के मामले में ग्रीन और वामपंथी पार्टी की ओर से एक संसदीय जांच समिति की मांग पर विचार किया जा रहा है. सेना के प्रतिनिधि भी इस मामले पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं. जर्मन सेना के पूर्व प्रधान इंस्पेक्टर जनरल कुयाक ने रक्षा मंत्री के कदम के औचित्य पर संदेह व्यक्त किया है. एक साक्षात्कार में सैनिकों के अभ्यास के सिलसिले में अपनी राय देते हुए कर्नल जिगफ्रीड मोर्बे ने कहा है कि कवायद का कोई तुक होना चाहिए, उसकी स्पष्ट सैनिक जरूरत होनी चाहिए. सिर्फ कवायद की खातिर कवायद हमें मंजूर नहीं है. उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में हर हालत में सैनिकों की मर्यादा का आदर करना पड़ेगा.

रिपोर्ट: एजेंसियां/उ भट्टाचार्य

संपादन: एस गौड़

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