पद्म पुरस्कार पर विवाद | लाइफस्टाइल | DW | 08.04.2010
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लाइफस्टाइल

पद्म पुरस्कार पर विवाद

भारतीय मूल के अमेरिकी व्यवसायी संत सिंह चटवाल को पद्मभूषण से सम्मानित किए जाने के बाद से इस पर विवाद शुरू हो गया है.

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल

बुधवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने खेल, कला और विज्ञान जैसे कई क्षेत्रों में उपलब्धिओं के लिए 60 लोगों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया. भारतीय मूल के अमेरिकी व्यवसायी संत सिंह चटवाल को पद्मभूषण से सम्मानित किए जाने के बाद से इस पर विवाद शुरू हो गया है. चटवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के कुछ मामलों की जांच चल रही है. मंगलवार को मुंबई के उच्च न्यायालय ने चटवाल को पद्म पुरस्कार न दिए जाने की अर्जी़ को ख़ारिज कर दिया था. माना जा रहा है कि चटवाल को यह पुरस्कार अपने राजनैतिक संपर्कों के कारण मिला है. राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में आयाजित समारोह में चटवाल सबसे अलग पीछे ही बैठे रहे. पुरस्कार मिलने के बाद उन्होंने दुःख जताया कि इस पर विवाद उठ गया है और कहा कि उन्हें इस बात की ख़ुशी है कि सचाई की जीत हुई है.

सैफ और रेखा को सम्मान

Kareena Kapoor und Saif Ali Khan

बेबो के साथ पहुंचे छोटे नवाब

फिल्म जगत की बड़ी हस्तियों रेखा और सैफ अलि खान को भी पद्मश्री से सम्मानित किया गया. सैफ यहां करीना कपूर के साथ पहुंचे. स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए ओस्कार तथा बाफ्टा पुरस्कार पा चुके रसूल पुकुट्टी को भी यह सम्मान मिला. इनके अलावा, संगीतकार इलैया राजा, नर्तकी एवं समाज सेविका मल्लिका साराभाई, मृदंगम वादक के शिवरामन को भी पद्म पुरस्कार दिया गया. 97 वर्षीय जो़हरा सहगल को पद्मविभूषण के सम्मान से नवाज़ा गया. उनके साथ आरबीआई के पूर्व गवर्नर वाय.वी.रेड्डी को पद्मविभूषण से सम्मानित किया.

खेल जगत भी पीछे नहीं

भारत के पहले फ़ॉर्मूला वन रेसर नारायण कार्तिके और बोक्सिंग में अपना नाम बना चुके विजेंद्र सिंह को भी पद्मश्री दिया गया. इस अवसर पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कई अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद थे.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ईशा भाटिया

संपादन: उज्ज्वल भट्टाचार्य

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