पटाखों पर बैन ने सोशल मीडिया पर लगायी आग | दुनिया | DW | 09.10.2017
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दुनिया

पटाखों पर बैन ने सोशल मीडिया पर लगायी आग

दिवाली के मौके पर इस साल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर एक नवंबर तक बैन लगा दिया है. एक नवंबर के बाद पटाखों की बिक्री फिर शुरू हो सकेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री और भंडारण पर रोक लगाने वाले नवंबर 2016 के आदेश को बरकार रखते हुए यह फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक बार यह टेस्ट करना चाहते हैं कि दिवाली पर क्या हालात होंगे? दिवाली के बाद एयर क्वॉलिटी की जांच भी की जाएगी और देखा जाएगा कि क्या पटाखों की बिक्री के बाद प्रदूषण में पहले के सालों की तुलना में क्या कोई कमी आयी है?

पटाखों पर बैन के फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. ट्विटर पर एक यूजर सुशांत ने लिखा कि वे इस फैसले के विरोध में हैं और वह इस दिवाली पर अपनी परंपराओं को जारी रखते हुए पटाखे फोड़ेंगे.

वहीं, एक यूजर गीता शर्मा सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से खुश हैं और उन्होंने ट्विटर पर सुप्रीम कोर्ट को शुक्रिया कहा है.

कुछ लोगों ने इस फैसले पर चिढ़ाने वाले अंदाज में लिखा कि दिल्ली एनसीआर वालों को आज ही से पटाखे फोड़ने शुरू कर देने चाहिए. 

वहीं एक यूजर ने काफी गुस्से में ट्विटर पर लिखा कि अब दिवाली पर पटाखे नहीं फोड़ेंगे तो क्या करेंगे? क्या अपने बीवी बच्चों के साथ छुपन छुपाई खेलेंगे? या लूडो खेलें या पकड़म पकड़ाई? 

सिद्धार्थ समीर ने लिखा कि यह बहुत अच्छी पहल है.

वहीं एक और यूजर ने लिखा कि इस फैसले के बाद ट्विटर वालों को एक और टॉपिक मिल गया पोस्ट करने का.

दिल्ली में भारी प्रदूषण को देखते हुए हर बार बिना पटाखों के दिवाली मनाने की अपीलें की जाती है, लेकिन इन पर अमल कम ही देखने को मिलता है. भारी प्रदूषण के अलावा पटाखों के कारण दिवाली पर कई हादसे भी होते हैं.

 

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