पंडित भीमसेन जोशी को भारत रत्न | ताना बाना | DW | 05.11.2008
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ताना बाना

पंडित भीमसेन जोशी को भारत रत्न

भारतीय शास्त्रीय गायन के पुरोधा पंडित भीमसेन जोशी को भारत सरकार ने भारत रत्न देने की घोषणा की है. बुधवार को राष्ट्रपति भवन ने देर शाम इसकी घोषणा की.

सात साल बाद साहित्य या कला के लिये भारत रत्न दिया जा रहा है.

सात साल बाद साहित्य या कला के लिये भारत रत्न दिया जा रहा है.

किराना घराने से ताल्लुक रखने वाले 86 वर्षीय पंडित भीमसेन जोशी ने शास्त्रीय गायन का पहला कार्यक्रम 19 साल की उम्र में प्रस्तुत किया था. वे पिछले सात दशक से भारतीय शास्त्रीय संगीत से जुड़े हुए हैं.

सात साल बाद भारत सरकार ने किसी सक्रिय कलाकार को इस सम्मान के लिए चुना है.

पंडित जोशी कला क्षेत्र से ऐसे छठे ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें भारत रत्न दिया जा रहा है. जबकि शास्त्रीय गायन में एम एस सुब्बुलक्ष्मी के बाद वह दूसरे कलाकार हैं, जिन्हें यह सम्मान है.

पिछली बार शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खान को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. भीमसेन जी को उनके पुत्र श्रीनिवास जोशी ने जब यह खबर दी तो उन्होंने सम्मान स्वीकार करते हुए ख़ुशी ज़ाहिर की और कहा कि ‘मैं ऐसे सभी हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायकों की ओर से यह सम्मान स्वीकार करता हूं, जिन्होंने अपनी जिंदगी शास्त्रीय गायन के लिये के लिए समर्पित की है’.

कर्नाटक के गडक जिले में 19 फरवरी 1922 को जन्मे पंडित भीमसेन जोशी को 1991 में पद्मविभूषण, 1985 में पद्मभूषण और 1972 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है. साथ ही उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.

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