न्यूयॉर्क से सिडनी नॉनस्टॉप: सबसे लंबी फ्लाइट का सफल परीक्षण | विज्ञान | DW | 21.10.2019
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विज्ञान

न्यूयॉर्क से सिडनी नॉनस्टॉप: सबसे लंबी फ्लाइट का सफल परीक्षण

ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख एयरलाइन क्वांटस ने दुनिया की सबसे लंबी उड़ान का सफल परीक्षण किया है. 49 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ न्यूयॉर्क और सिडनी के बीच की यात्रा विमान ने 19 घंटे 16 मिनट में पूरी की.

क्वांटस की क्यूएफ 7879 उड़ान के लिए विमान ने न्यूयॉर्क के जॉन एफ केनेडी एयरपोर्ट से शुक्रवार की रात को उड़ान भरी और सिडनी के किंग्सफोर्ड स्मिथ एयरपोर्ट पर रविवार सुबह उतरा. विमान ने कुल 16,200 किलोमीटर का सफर तय किया. फिलहाल सिंगापुर एयरलाइन दुनिया की बिना रुके सबसे लंबी उड़ान सेवा मुहैया कराती है. यह सेवा सिंगापुर से नेवार्क के बीच है जिसमें 18.5 घंटे का समय लगता है.

क्वांटस ने इस लंबी यात्रा के परीक्षण उड़ान के लिए बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर को खास तौर से तैयार करवाया था. विमान बिना रुके निर्बाध तरीके से उड़ान भर सके, इसके लिए विमान में अधिकतम ईंधन भरा गया, यात्रियों और उनके सामान की संख्या सीमित रखी गई और इसमें कोई माल ढुलाई नहीं की गई.क्वांटस का कहना है कि इस उड़ान से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को घटाने के लिए उपाय किए जाएंगे.

विमान में सवार 49 यात्रियों में क्वांटस के एग्जिक्यूटिव, रिसर्चर, पत्रकार और क्रू के सदस्य शामिल थे. उड़ान के दौरान लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को देखने के लिए कई प्रयोग किए गए. क्वांटस ग्रुप के चीफ एग्जिक्यूटिव एलन जॉयस ने सिडनी पहुंचे के बाद कहा, "यह विमानन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है. उम्मीद है कि यह ग्लोब के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक लोगों की यात्रा को तेज करने के लिए नियमित सेवा की समीक्षा है."

जॉयस का कहना है कि क्वांटस की न्यूयॉर्क से सिडनी के लिए नियमित सेवा है जो लास एंजेल्स में रुकते हुए जाती है. उसने नॉन स्टॉप फ्लाइट से तीन घंटे पहले उड़ान भरी थी लेकिन वह महज कुछ ही मिनटों पहले अपनी मंजिल पर पहुंची. क्वांटस के कप्तान सीन गोल्डिंग तीन दूसरे पायलटों के साथ विमान को उड़ा कर लाए. उन्होंने कहा, "उड़ान बहुत आराम से पूरी हुई. जब हम अलग अलग हवाई सीमा से गुजरे तो अनोखी सेवा होने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों ने बड़ी दिलचस्पी दिखाई." चार पायलटों ने बारी बारी से विमान उड़ाया जबकि तीन दूसरे पायलट केबिन में रहे. इन सभी पायलटों का अनुभव मिला दें, तो इन लोगों के पास 67000 घंटे से ज्यादा विमान उड़ाने का अनुभव है.

न्यूयॉर्क के कंट्रोल टावरों ने विमान को खास विदाई दी तो सिडनी के टावरों ने बड़ी गर्मजोशी से स्वागत किया. हेल्थ रिसर्चरों ने पायलट और चालक दल के दूसरे सदस्यों के साथ ही यात्रा में शामिल छह वालंटियरों के दिमाग की गतिविधियों, मिलेटोनिन के स्तर और सजगता पर निगरानी रखी और विमान में ही उनसे कसरत भी कराई गई.

विमान सिडनी के समय से चल रहा था इसलिए यात्रियों से कहा गया कि वो पहले छह घंटे तक जगे रहें ताकि जेटलैग को कम करने में मदद मिल सके. इसके अलावा उन्हें रोशनी से भरे केबिन में मसालेदार खाना खिलाया गया. सुबह उतरने से पहले उन्हें क्रीमयुक्त और कार्बोहाइट्रेड वाला भोजन हल्की रोशनी में दिया गया ताकि उन्हें सिडनी में हो रहे रात के समय का अहसास हो. वालंटियरों को इस दौरान अल्कोहल नहीं दिया गया ताकि लंबी उड़ान के बाद उनके सामान्य स्थिति में वापस लौटने का अध्ययन किया जा सके. ये आंकड़े दूसरी लंबी उड़ान संचालित करने वाली एयरलाइनों को भी दिया जाएंगे.

क्वांटस ने बताया कि उड़ान से पहले कई महीने तक इसकी योजना बनाई गई ताकि उड़ान का सबसे उपयुक्त रास्ता चुना जा सके. इतना ही नहीं, हर रोज के मौसम और हवा की रफ्तार के बारे में भी पर्याप्त जानकारी जुटाई गई.

यह उड़ान लंबी दूरी की उड़ानो के अर्थशास्त्र को परखने का भी एक मौका था जो ऑस्ट्रेलियाई और दूसरे यात्रियों को जल्दी, सुरक्षित और दक्षता के साथ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सके.

क्वांटस एयरलाइन ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट के शहरों सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन को 2022 तक न्यूयॉर्क और लंदन से सीधे जोड़ने की योजना बना रही है.  इससे यात्रियों का करीब चार घंटे का समय बच सकेगा. बीते साल ही क्वांटस ने पर्थ और लंदन के बीच उड़ान सेवा शुरू की जो ऑस्ट्रेलिया और यूरोप को जोड़ने का अकेला सीधा रास्ता है.

एनआर/एके (डीपीए)

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