नेवी में बीवियों की अदला-बदली की जांच करेगी सीबीआई | दुनिया | DW | 12.05.2016
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दुनिया

नेवी में बीवियों की अदला-बदली की जांच करेगी सीबीआई

एक नेवी अफसर की पत्नी ने आरोप लगाया कि नौसेना में पत्नियों की अदला-बदली आम चलन है और इसका विरोध करने पर उनके साथ गैंगरेप किया गया. लंबी लड़ाई के बाद यह मामला सीबीआई को सौंपा जा रहा है.

भारतीय नौसेना के अफसरों के बीच पत्नियों की अदला-बदली के आरोपों की जांच सीबीआई करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया है. नौसेना के एक अफसर की पत्नी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बीते हफ्ते आदेश दिया है कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए. इस बारे में भारतीय अखबार 'द टेलीग्राफ' ने खबर छापी है. टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की बेंच ने सुनवाई की थी. 12 मई को बेंच ने अपना फैसला सुनाया.

नेवी के लेफ्टिनेंट रवि किरण की पत्नी ने 2013 में याचिका दायर की थी. उनकी वकील कामिनी जायसवाल की दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है. मामला कोच्चि में दर्ज हुआ था. जायसवाल ने कहा कि इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच जरूरी है क्योंकि केरल पुलिस और नौसेना के अधिकारी अफसर की पत्नी की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें परेशान कर रहे हैं.

जायसवाल के विपक्षी वकील केरल सरकार की ओर से रमेश बाबू ने सीबीआई जांच का विरोध किया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच कर ली है और ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे आरोप सही साबित होते दिखें.

अप्रैल 2013 में लेफ्टिनेंट रवि किरण की पत्नी के आरोपों ने सनसनी मचा दी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि नौसेना के अफसर अपनी पत्नियों की अदला-बदली करते हैं और वह खुद इसके लिए राजी नहीं हुईं तो उन्हें परेशान किया गया. 26 साल की महिला का आरोप था कि नौसेना में पत्नियों की अदला-बदली तो बेहद आम है लेकिन उनके साथ फरवरी में कई अफसरों ने गैंगरेप किया. रवि किरण की पत्नी का आरोप था कि उन्होंने अपने पति को एक कमांडेंट की पत्नी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया था जिसके बाद उनके पति की शह पर अन्य अफसरों ने गैंगरेप किया.

इन आरोपों से खासा बवाल हुआ था और तत्कालीन रक्षा मंत्री एके ऐंटनी को जांच का भरोसा दिलाना पड़ा था. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में महिला ने कहा था कि कोच्चि के हार्बर पुलिस थाने में उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. उनका कहना था कि तब के नौसेना अध्यक्ष ने भी उनकी शिकायत नहीं सुनी.

महिला का आरोप है कि सरकार उनकी शिकायत को दबाने की कोशिश कर रही है. द टेलीग्राफ के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं.

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