नेमत्सोव के सम्मान में अमेरिका में सड़क | दुनिया | DW | 11.01.2018
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दुनिया

नेमत्सोव के सम्मान में अमेरिका में सड़क

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में एक सड़क का नाम पूर्व रूसी नेता बोरिस नेमत्सोव के सम्मान में रखा जाएगा. यह सड़क रूसी दूतावास के ठीक सामने है.

सड़क का नाम बदलने वाले विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया गया. सड़क का उदघाटन समारोह 27 फरवरी को किया जाएगा. तीन साल पहले इसी दिन रूस में नेमत्सोव की हत्या कर दी गयी थी. रूस के उप प्रधानमंत्री रहे नेमत्सोव की हत्या के पीछे सरकार का ही हाथ माना जाता है. 55 वर्षीय नेमत्सोव रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी थे.

इस विधेयक को नगरपालिका में पेश करने वाली पार्षद मेरी एम चेह ने इस बारे में कहा, "इसमें कोई शक नहीं है कि यह हत्या राजनीति से प्रेरित थी. उनकी लोकप्रियता और रूसी सरकार की नियमित आलोचना की वजह से यह की गयी."

Russische Botschaft in Washington D.C. (Getty Images/AFP/C. Kleponis)

वॉशिंगटन डीसी में रूसी दूतावास

एक अन्य पार्षद फिल मेंडलसन ने कहा कि सड़क का नाम रखा जाना "लोकतांत्रिक मूल्यों का समर्थन" करता है और इससे रूस को सीधे एक संदेश जाएगा. चेह ने कहा कि इससे उन लोगों को भी समर्थन मिलेगा जो "साहस दिखाते हैं, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आजादी और जिंदगी को जोखिम में डालते हैं."

90 के दशक में नेमत्सोव रूस में एक बड़ा नाम थे. रूस के पहले राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन के बाद नेमत्सोव को देश के अगले राष्ट्रपति का उम्मीदवार माना जाता था. लेकिन साल 2000 में व्लादिमीर पुतिन ने सत्ता संभाली और उस दौरान नेमत्सोव उनके कड़े विरोधी के रूप में नजर आए. हत्या से कुछ ही घंटों पहले नेमत्सोव ने रूस द्वारा यूक्रेन पर हुए हमले की निंदा की थी. रेडियो पर दिए अपने संदेश में उन्होंने नागरिकों से देश में चल रहे आर्थिक संकट और यूक्रेन के साथ छिड़े युद्ध के खिलाफ एकजुट होने की अपील की थी.

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27 फरवरी 2015 को वे एक पुल से गुजर रहे थे जब कार में सवार हमलावर ने उन पर चार गोलियां चलाईं और उनकी वहीं मौत हो गयी. इसे रूस की सबसे हाई प्रोफाइल राजनीतिक हत्या माना जाता है. नेमत्सोव के करीबी व्लादिमीर कारा मुर्जा ने बताया, "सरकारी मीडिया ने उन्हें गद्दार का नाम दिया. उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के लिए भी हिरासत में लिया गया और जेल में डाल दिया गया. उन्हें चुप कराने का एक ही तरीका बचा था और वही किया गया."

Zhanna Nemtsova - Journalistin (picture-alliance/AP Photo/K. Wigglesworth)

बोरिस नेमस्तोव की बेटी याना नेमत्सोवा

कारा मुर्जा का कहना है कि उन्हें भी दो बार जहर दे कर मारने की कोशिश की जा चुकी है. उन्होंने कहा, "हम रूस में रूस के ही राजनेता का सम्मान नहीं कर सकते. रूसी अधिकारी बोरिस नेमस्तोव की मौत के बाद भी उनसे लड़ रहे हैं."

नेमस्तोव की बेटी याना नेमत्सोवा, जो कि डॉयचे वेले के साथ ही काम करती हैं, ने बताया, "चाहे बर्फ पड़ रही हो या बरसात, पिछले एक हजार दिन से लोग बोलशोई मोस्कवोरेत्स्की ब्रिज पर, जहां मेरे पिता की हत्या की गयी थी, वहां उनकी याद में फूल, कैंडल और उनकी तस्वीर ले कर आते हैं." उनका कहना है कि सरकार कम से कम 70 बार उनकी पिता की याद में लोगों द्वारा बनाए स्मारक को अपनी जगह से हटा चुकी है, "रूस में मौजूदा सरकार मेरे पिता की सब यादों को मिटा देना चाहती है क्योंकि वह मानती है, और यह सही भी है कि निशानियां अहम होती हैं." याना ने कहा कि रूस में उनके पिता को सम्मान मिलना तो मुमकिन नहीं है, लेकिन कम से कम अमेरिका में ऐसा किया जा रहा है.

मेलनी क्यूरा डबाल/आईबी

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