नेताओं के मतभेदों के बीच नाटो का साथ चलने का संकल्प | खबरें | DW | 05.12.2019
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खबरें

नेताओं के मतभेदों के बीच नाटो का साथ चलने का संकल्प

नाटो देशों के नेताओं में कई मुद्दों पर मतभेदों के बीच नाटो की 70वीं वर्षगांठ का जश्न मना लेकिन ट्रंप और कुछ नेताओं के बीच विवाद खुलकर दुनिया के सामने आ गए.

लंदन में नाटो के दो दिवसीय सम्मेलन में कई ऐसे मौके आए जब लगा कि राष्ट्राध्यक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर असहमति है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों के बीच तीखी बहस का मुद्दा अब तक ठंडा नहीं हो पाया था कि दूसरी ओर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का वीडियो वायरल हो गया जिसमें वह बकिंघम पैलेस में बातचीत के दौरान चार देशों के नेताओं के सामने ट्रंप का मजाक उड़ाते सुने गए. इस वीडियो में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों, उस प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते दिख रहे हैं जिसमें ट्रंप और माक्रों के बीच तीखी बहस हो गई थी. हालांकि किसी नेता ने उस दौरान ट्रंप का नाम नहीं लिया था, लेकिन माना जा रहा है कि वह जिन बातों पर चर्चा कर रहे थे वह ट्रंप से ही जुड़ी थीं. बाद में जब पीएम बॉरिस से इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा, "वास्तव में मुझे यह नहीं पता कि वहां क्या कहा जा रहा था."

ट्रंप ने ट्रूडूो को "दोमुंहा" बताया

बुधवार को ट्रंप और जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल की मुलाकात हुई और उस दौरान ट्रंप ने ट्रूडो को ''दोमुंहा'' कहा. ट्रंप ने कहा नाटो के लक्ष्य के मुताबिक रक्षा खर्च पर कनाडा कम पैसे निकाल रहा है. उनके मुताबिक, "सच्चाई यह है कि मैंने उनके मुंह पर कहा कि वह 2 फीसदी नहीं दे पा रहे हैं और यह भी बात सच है कि वह इससे खुश नहीं हैं और मेरी बात से नाराज हैं."  

UK NATO-Treffen in London l Angela Merkel und Donald Trump (picture-alliance/empics/PA Wire/S. Parsons)

नाटो समिट में डॉनल्ड ट्रंप और अंगेला मैर्केल

नाटो सम्मेलन के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होने वाली थी लेकिन ट्रंप बिना उसमें शामिल हुए ही वॉशिंगटन के लिए रवाना हो गए. जाते-जाते ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "मैं सीधे यहां से अमेरिका जाऊंगा, मुझे लगता है कि हमने कई प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ली है."


नाटो का बयान

सम्मेलन के बाद संयुक्त बयान में नेताओं ने कहा, "अगर हमें सुरक्षित रहना है तो हम सभी को साथ चलना होगा." साथ ही नाटो देशों ने चीन और रूस से मिलने वाली "चुनौती" को स्वीकार किया. साझा बयान में आतंकवाद के प्रति कड़ी कार्रवाई का संकल्प लिया गया. वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा,"नाटो एकजुटता का प्रतीक है, जिसके पास करोड़ों लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, जब तक हम साथ खड़े रहेंगे तब तक कोई हमें हराने की नहीं सोच सकता है."

नाटो के महासचिव येन्स स्टोल्टेनबर्ग के मुताबिक, "हमारे लिए एकजुटता बनाए रखना बहुत अहम है, क्योंकि चीन हमारे करीब आ गया है." उनका इशारा नाटो देशों की सुरक्षा को लेकर था क्योंकि चीन की मिसाइल की पहुंच अब अमेरिका और यूरोप तक हो गई है.

एए/एनआर(एपी, एएफपी)

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