नेतन्याहु ने कहा, जायज था जहाज पर हमला | दुनिया | DW | 09.08.2010
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दुनिया

नेतन्याहु ने कहा, जायज था जहाज पर हमला

इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहु ने गजा में राहत सामग्री ले जा रहे जहाज पर कमांडो हमले को जायज ठहराया है. इस्राएली पैनल के सामने दी अपनी गवाही में उन्होंने कहा कि इस्राएल ने कानून के तहत काम किया.

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आयोग के सामने नेतन्याहु

नेतन्याहु सोमवार को मुस्कुराते हुए कमरे में पहुंचे. वह बहुत सहज लग रहे थे. उन्होंने वहां मौजूद पत्रकारों और आम नागरिकों की ओर बहुत ही गौर से मुस्कुरा कर देखा और बड़े आराम से पैनल के बेंच के सामने रखी कुर्सी पर बैठ गए. उसी सहजता के साथ उन्होंने अपनी गवाही में हमले और नौ लोगों की जान जाने को जायज करार दिया.

तिरकल कमीशन के सामने गवाही में कहा, "मुझे पूरा यकीन है कि आपकी जांच के बाद यह साफ हो जाएगा कि इस्राएल और उसकी सेना ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ही काम किया."

Israel / Gazastreifen / Schiff / Stacheldraht

मई में यह जहाजी बेड़ा राहत सामग्री लेकर गजा जाते हुए इस्राएली सेना के कमांडो हमले का शिकार हुआ. इस हमले में मारे गए लोग तुर्की के थे. 31 मई को हुए इस हमले की पूरी दुनिया में आलोचना हुई, जिसके बाद जांच दल बिठाया गया. नेतन्याहु ने कमीशन के सामने कहा, "मैं इस माननीय कमीशन के सामने पेश होने वाला पहला शख्स हूं. मेरे बाद और भी कई आएंगे. मुझे पूरा भरोसा है कि सारी बातें साफ हो जाएंगी और आप सच्चाई की तह तक पहुंचेंगे."

नेतन्याहु के अलावा दो और बड़े अधिकारियों को गवाही के लिए पेश होना है. रक्षा मंत्री एहुद बराक मंगलवार को पेश होंगे, जबकि सेना प्रमुख गाबी अश्केनाजी की पेशी बुधवार को होगी.

जांच दल के चेयरमैन याकोव तिरकल ने कहा कि नेतन्याहु की गवाही का कुछ हिस्सा उन्हें बोलना होगा और बाकी लिखित रूप में पेश करना होगा. पांच सदस्यों के इस पैनल के साथ दो विदेशी पर्यवेक्षक और सैकड़ों आम नागरिक गवाही सुनने के लिए मौजूद थे.

गवाही शुरू होने से पहले ही यह लगभग साफ हो गया कि नेतन्याहु को किसी असहज सवाल का सामना नहीं करना होगा. जून में जब इस पैनल का गठन किया गया, तभी नेतन्याहु के दफ्तर ने कह दिया था कि इसका काम यह देखना है कि इस्राएल ने किसी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन तो नहीं किया है. हमले का ऑपरेशन चलाने के लिए जो फैसले लिए गए, उनकी प्रक्रिया की जांच का हक पैनल के सदस्यों को नहीं है. इसके अलावा वह ऑपरेशन में शामिल सैनिकों से भी पूछताछ नहीं कर सकते. पैनल अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा.

इस्राएली सेना इस मामले में अपनी जांच पहले ही पूरी कर चुकी है. इसकी जांच रिपोर्ट में भी सैनिक कार्रवाई को जायज ठहराया गया. हालांकि जांच रिपोर्ट ने उच्च स्तर पर लिए गए कुछ फैसलों पर सवाल जरूर उठाए.

पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की-मून ने घटना की जांच के लिए एक पैनल बनाने घोषणा की. यह पैनल मंगलवार से काम करना शुरू कर सकता है. इसमें इस्राएल और तुर्की दोनों के प्रतिनिधि शामिल हैं. इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार काउंसिल भी इस मामले की जांच कर रही है.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः एन रंजन

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