नाटो के उद्देश्य और रणनीतिक दिशा को ले कर लंदन में बैठक | दुनिया | DW | 03.12.2019
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दुनिया

नाटो के उद्देश्य और रणनीतिक दिशा को ले कर लंदन में बैठक

फ्रांस के राष्ट्रपति माक्रों के नाटो को दिमागी स्तर पर मृत घोषित कर देने के बाद जन्मे विवाद की छाया में संगठन की अहम बैठक हो रही है. 

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और नाटो के 28 और सदस्य देशों की सरकारों के मुखिया नाटो की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक बैठक के लिए लंदन में इकठ्ठा हो रहे हैं. शुरू होने से पहले ही बैठक पर संगठन के उद्देश्य और रणनीतिक दिशा को ले कर विवाद के बादल छा गए हैं. 

दो दिनों की इस बैठक में नाटो के सदस्यों के बीच राजनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर विमर्श की शुरुआत होने की उम्मीद है. संगठन के अंदर की समस्याओं के समाधान ढूंढने के लिए इसी तरह की प्रक्रिया का सुझाव जर्मनी के विदेश मंत्री हाइको मास ने दिया था. 

उत्तर-पूर्वी सीरिया में हाल में हुई घटनाओं की वजह से इस आत्म-मंथन की शुरुआत हुई, विशेष रूप से फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों के बयान के बाद जन्मे विवाद की वजह से. माक्रों ने कहा था कि नैटो की दिमागी स्तर पर मौत हो चुकी है. जर्मनी की चांसलर अंगेला मैर्केल समेत संगठन के दूसरे सदस्यों ने अपने आप को माक्रों के बयान से अलग कर लिया था. 

अक्टूबर में, अमेरिका ने नाटो के सदस्य देशों से मशविरा किये बिना उत्तर-पूर्वी सीरिया से अपने सैनिक हटा लिए थे. इसके तुरंत बाद नाटो के एक और सदस्य तुर्की  ने पश्चिमी देशों के सहयोगी कुर्द लड़ाकों पर हमला कर दिया था. कुर्द लड़ाकों ने इस्लामिक स्टेट को हराने में पश्चिमी सेनाओं की मदद की थी. 

तुर्की यह मानता है कि कुर्द लड़ाके कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी नाम के आतंकवादी संगठन से जुड़े हुए हैं.

नाटो के सामने और भी कई समस्याएं हैं, जिनमें प्रमुख है ट्रंप का बार बार दूसरे सदस्य देशों खासकर जर्मनी को यह कहना कि उन्हें रक्षा पर अपना खर्च बढ़ाना चाहिए.

पिछले हफ्ते नाटो के महासचिव येंस स्टोल्टेनबर्ग ने नए आंकड़े प्रस्तुत किये थे जो ये दिखा रहे थे कि संगठन के नौ सदस्य अब अपनी जीडीपी के 2 प्रतिशत के संगठन के रक्षा खर्चे के लक्ष्य तक पहुंच रहे हैं, जब कि यूरोप के सहयोगी देश और कनाडा को ट्रंप के कार्यकाल में ही खर्चों में 130 अरब डॉलर की बढ़ोतरी करनी है. 

तुर्की लंबे समय से एक मुश्किल सहयोगी रहा है, जिसने अमेरिका के सैन्य उपकरणों की जगह रूस से मिसाइल रक्षा तकनीक खरीदने जैसे निर्णय लिए हैं. 

शुक्रवार को तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोवान ने माक्रों को नाटो पर उनके बयान के लिए उन्हें ही दिमागी तौर पर मृत बता दिया. 

मंगलवार को बैठक की शुरुआत ट्रंप और स्टोल्टेनबर्ग के बीच नाश्ते पर मुलाकात से होगी. उसके बाद ट्रंप और माक्रों बातचीत करेंगे.

इस बैठक से अलग सीरिया पर चर्चा करने के लिए माक्रों, मैर्केल, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और एर्दोवान के बीच एक बैठक होगी. 

आधिकारिक बातचीत बुधवार को शुरू होगी जब नाटो के नेता लंदन के उत्तर में स्थित एक गोल्फ रिसोर्ट में 3-4 घंटे लंबी बैठक करेंगे. उनके पास लगभग 50 फैसलों की एक सूची है से उन्हें औपचारिक रूप देना है. इन फैसलों का उद्देश्य है नाटो में मौजूदा और भविष्य के खतरों के लिए बदलाव करना. 

सीके/एनआर(डीपीए) 

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