नदी में फटा दूसरे विश्वयुद्ध का बम | दुनिया | DW | 15.04.2019
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दुनिया

नदी में फटा दूसरे विश्वयुद्ध का बम

जर्मनी की माइन नदी में दूसरे विश्वयुद्ध का जिंदा बम मिला. गोताखोरों और बम निरोधक दस्ते की मदद से नदी के भीतर ही बम में धमाका किया गया.

वीडियो देखें 00:23

माइन नदी में धमाका

जर्मनी की वित्तीय राजधानी कहे जाने वाले शहर फ्रैंकफर्ट में रविवार को नदी किनारे बसे एक इलाके को खाली कराया गया. माइन नदी में दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिकी विमानों द्वारा गिराया गया बम मौजूद था. बम जिंदा था. बम निरोधक दस्ते ने नियंत्रित विस्फोट के जरिए बम में धमाका किया. धमाका इतना ताकतवर था कि नदी का पानी करीब 30 मीटर ऊपर उछल गया और ताकतवर लहरें भी पैदा हुईं.

धमाके से पहले करीब 600 स्थानीय लोगों को घर से निकाल कर सुरक्षित जगह पहुंचाया गया. पूरे अभियान में फायर ब्रिग्रेड, पुलिस और रेड क्रॉस के 350 अधिकारियों की मदद ली गई.

बम का पता संयोग से चला. 9 अप्रैल को फायर ब्रिगेड की टीम नदी में गोताखोरी का अभ्यास कर रही थी. पहले बम को डिफ्यूज करने की कोशिश की गई. लेकिन आशंका हुई कि डिफ्यूज करने के दौरान 250 किलोग्राम भारी बम में पूरी ताकत वाला धमाका हो सकता है.

सागर के तल पर टिक टिक करता टाइम बम

ऐसी आशंका को टालने के लिए बम को गोताखोरों की टीम करीब साढ़े पांच से छह मीटर की गहराई में ले गई. इसके बाद धमाका किया गया. बड़े धमाके से पहले कुछ छोटे धमाके किए गए, ताकि जलीय जीव दूर चले जाएं.

1945 में खत्म हुए विश्वयुद्ध के बम आज भी जर्मनी में अकसर मिल जाते हैं. बमवर्षक विमानों से गिराए गए दर्जनों बम हमले के दौरान नहीं फटे, लेकिन ऐसे उनके फटने का खतरा बना रहता है. यही वजह है कि जब कभी दूसरे विश्वयुद्ध के बम मिलते हैं तो जर्मनी में उसके आस पास का पूरा इलाका खाली करा दिया जाता है.

(हिटलर को हराने वाला पुल)

ओएसजे/एनआर(डीपीए)

 

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