नए कॉपीराइट बिल के विरोध में इतालवी विकीपीडिया बंद | दुनिया | DW | 04.07.2018
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दुनिया

नए कॉपीराइट बिल के विरोध में इतालवी विकीपीडिया बंद

यूरोप में नए प्रस्तावित कॉपीराइट कानून को लेकर इंटरनेट और अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस शुरू हो गई है. इस बिल को जहां अखबार प्रकाशक जरूरी बता रहे हैं, वहीं इसके विरोध में विकीपीडिया का इतावली संस्करण दो दिन बंद रहेगा.

विकीपीडिया के इतावली संस्करण का मानना है कि इंटरनेट की आजादी खतरे में है. मंगलवार को विकीपीडिया ने बयान जारी कर कहा कि नए कानून के विरोध में इतावली संस्करण की सेवाएं दो दिनों के लिए बंद की जाएंगी. दूसरी तरफ, अखबारों के प्रकाशक नए कॉपीराइट बिल को पत्रकारिता के भविष्य को बचाने के लिए जरूरी मान रहे हैं.

नए बिल के आर्किटल 13 में नए कॉपीराइट फिल्टर्स का उल्लेख है जिनके मुताबिक सभी ऑनलाइन पोर्टल को यह सुनिश्चित करना होगा कि जो भी यूजर अपने डॉक्यूमेंट या फाइल अपलो़ड करे, वे वास्तविक हो जिससे कॉपीराइट का उल्लंघन न हो सके. नए नियम लागू होने से आईटी कंपनियों पर बोझ बढ़ेगा क्योंकि अब यह उनकी जिम्मेदारी होगी कि वे यूजर्स के डॉक्यूमेंट या कंटेंट पर नजर रखे.

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इसी को लेकर विकीपीडिया के इतावली संस्करण ने अपनी साइट पर मैसेज लिखा है- 'इंटरनेट की आजादी खतरे में है'. इटली के उपप्रधानमंत्री और फाइव स्टार मूवमेंट के नेता ल्यूजी डी माइओ ने विकीपीडिया को अपना समर्थन दिया है. विकीपीडिया के इतावली संस्करण के प्रवक्ता माउरिजिओ कोडोंगो ने सरकार की प्रतिक्रिया का स्वागत किया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि मूवमेंट से जुड़े यूरोपीय संसद के सदस्य भी डी माइओ से इत्तेफाक रखते होंगे.

हालांकि यूरोपीय संसद कह चुकी है कि नए नियम से विकीपीडिया बाहर है और इस पर इन्साइक्लोपीडिया के नियम लागू होंगे, लेकिन विकीपीडिया का कहना है कि उसका विरोध उन सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के लिए है जिन पर नए प्रस्तावित कानून से असर पड़ेगा. कोडोंगे के मुताबिक, वेब एक ऐसा स्पेस है जो सभी को दिखना चाहिए जिससे लोग सच्चाई से रूबरू हो सके. 

वहीं, यूरोपियन न्यूजपेपर्स पब्लिशर्स असोसिएशन के प्रमुख कार्लो पेरोने विकीपीडिया के रवैये को गलत मानते हैं. वह कहते हैं कि विकीपीडिया में दूरदर्शिता की कमी है और वह कंटेंट की चोरी जैसे खतरों को नजरअंदाज कर रहा है. इटली के अखबार फाटो क्योटिडियानो की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता का मानना है कि नया कानून इसलिए जरूरी है क्योंकि इंटरनेट पर रोजाना ऐसी सामग्री अपलोड हो रही है जिसका वास्तव में कॉपीराइट किसी और के पास है और बाकी बस उसे अपलोड कर रहे हैं. 

विकीपीडिया और अन्य आईटी विशेषज्ञों का कहना है कि नए काननू से रचनात्मक स्वतंत्रता पर हमला तो हुआ ही है, इसके लिए पर्याप्त बहस भी नहीं की गई है. आरोप है कि टेक्नोलॉजी की कम समझ रखने वाले यूरोपीय संसद के सदस्यों ने मुद्दे को समझा ही नहीं और वोट डाल दिया. फिलहाल इटली में विकीपीडिया गुरुवार तक अंधेरे में रहेगा और इसी दिन ब्रसेल्स में बिल को लेकर वोटिंग होगी.

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