धरती के लिए तितलियों की तलाश में अना | मंथन | DW | 16.02.2018
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मंथन

धरती के लिए तितलियों की तलाश में अना

पहले बागों में तितलियां दिखा करती थीं लेकिन अब शहर में रहने वाले बच्चे सिर्फ तस्वीरों में ही तितलियां देख पाते हैं. जर्मनी की एक छात्रा को इस बात का अहसास हुआ और वह निकल पड़ी तितलियों को जानने समझने.

16 साल की अना मुलर अपने घर के आसपास तितलियों की तलाश करती रहती है. पिछले पांच सालों में अना ने अपने इलाके की जैव विविधता का काफी ब्यौरा जमा किया. यह कहना मुश्किल है कि इलाके में पाई जाने वाली पाई जाने वाली प्रजातियां घट रही हैं या गायब हो रही है, लेकिन अना को तितलियों की कुछ नई प्रजातियां जरूर दिखी हैं. अना मुलर बताती हैं, "बीस साल पहले यहां ब्रेंथिस डाफ्ने तितलियां नहीं हुआ करती थीं. आजकल मैं उन्हें गर्मियों में हमेशा देखती हूं. इससे साफ है कि जलवायु परिवर्तन का असर हो रहा है."
तितलियों को देखने के शौक ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अना की प्रतिबद्धता बढ़ा दी है. बीते साल गर्मियों में अना ने पर्यावरण सेमिनार 2 डिग्री कैंपस में हिस्सा लिया. इसका आयोजन वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड ने किया था. यह प्रोग्राम युवा लोगों को फील्डवर्क के लिए भेजता है ताकि वे जलवायु परिवर्तन से लड़ना सीख सकें. अना की टीम का फोकस पोषण पर है. खेतीबाड़ी से कई तरह की ग्रीनगाउस गैसें बनती हैं. एक ऑर्गेनिक फार्म में उन्हें पर्यावरण के लिए उपयुक्त खेती के तरीकों के बारे में बताया गया. अना ने कहा, "पर्यावरण संरक्षण मजे का काम है, क्योंकि इससे मुझे तसल्ली मिलती है. मुझे लगता है कि मैं कुछ सार्थक कर रही हूं. मुझे मजा आता है."

ऑर्गेनिक फार्म की सैर के दौरान छात्रों को पता चलता है कि जानवर क्या खाते हैं, कौन सी फसल कब होती है. छात्र इन सूचनाओं को अपने दोस्तों के लिए रिकॉर्ड करते हैं. कई बच्चों की पर्यावरण सुरक्षा में दिलचस्पी होती है, लेकिन उनके आसपास के बहुत से लोगों को अभी भी संशय है. कई बार आपको लोगों से बहस करनी पड़ती है. बहुत से लोगों को जलवायु परिवर्तन पर विश्वास नहीं है.

2 डिग्री कैंपस का मकसद जलवायु परिवर्तन के लिए जागरूकता बढ़ाना है. इस साल का प्रोग्राम अक्टूबर तक चलेगा. अना बताती हैं, "2 डिग्री प्रोग्राम के जरिए मैंने अपनी खाने पीने की आदतों, दूसरे देशों और हम पर उसके असर के बारे में बहुत कुछ सीखा है. जरूरतों को कम करना मुश्किल है, खासकर जब आप दूसरे लोगों के साथ हों, वे सब मीट खाते हैं. लेकिन कुल मिलाकर यदि आप चाहते हैं तो पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं."
अना तितलियों की तस्वीरें प्रजातियों की जानकारी वाले ऑनलाइन डाटाबेस आर्टेनफिंडर में अपलोड करती है. यहां जर्मनी के राइनलैंड पलेटिनेट प्रांत के लोग पेड़ पौधों और जीव जंतुओं के बारे में जानकारी साझा करते हैं. अना ने भी करीब 700 जानकारियां दी हैं. वह कहती, "एक बार हम एक चरागाह में थे, नम चरागाह में. हम लार्ज कॉपर तितली की खोज में थे. और वह हमें मिल गई. बहुत अच्छा लगता है जब आप कुछ खोज रहे हों और वह आपको मिल जाए."
जल्द ही अना के पास तितलियों के पीछे भागने का समय नहीं होगा. खासकर हफ्ते के दिनों में जब वह स्कूल में होगी. वीकएंड में वह अपने अभियानों पर जा पाएगी, तितलियों की खोज में.

रिपोर्ट: माबेल गुंडलाख

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