धरती के जुड़वां की ऐतिहासिक खबर | दुनिया | DW | 24.07.2015
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दुनिया

धरती के जुड़वां की ऐतिहासिक खबर

धरती के जुड़वां ग्रह का पता लगने पर दुनिया भर में जोशीली प्रतिक्रिया हो रही है. केपलर-452 बी का पता लगाने के बाद भी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी का मानना है कि ब्रह्मांड में और भी बहुत से धरती जैसे ग्रह छुपे हैं.

इटली के अखबार ला स्टांपा ने केपलर-452बी की खोज को ऐतिहासिक बताया है. अखबार ने लिखा है, "एक और धरती , वहां बाहर ब्रह्मांड में. हमारे ग्रह का एक कजिन है और जैसा कि निकट रिश्तेदारों के साथ होता है, उसमें उसके गुण हैं. "

सोशल मीडिया पर भी धरती जैसे ग्रह के पता लगने पर भारी प्रतिक्रिया हुई है. थीस रोज ने केपलर-452बी की तस्वीर ट्वीट की.

कुछ लोग नासा की खोज को धरती 2.0 कहकर उसका उल्लास मना रहे हैं तो ह्यू ऑसबॉर्न जैसे लोगों का मानना है कि यह धरती 2.0 नहीं उसकी ओर जाने की राह है.

जैसन मेजर का सवाल है कि क्या हम ब्रह्मांड में अकेले हैं? उन्होंने जॉन ग्रुन्सफेल्ड के हवाले से टिप्पणी की है कि इस सवाल का जवाब देने की ओर हमने एक छोटा सा कदम उठाया है.

इसके विपरीत अलेक्जांड्रा वित्से इस बात पर हैरान हैं कि केपलर ब्रीफिंग को पहले ही इतना प्रचार क्यों मिला है.

खबरों में इस ग्रह के धरती के सबसे करीबी रहने लायक ग्रह होने की बात जोर शोर से छपी है, तो वहीं ट्विटर यूजर राहुल महाजन को केपलर पर संपत्ति बेचने का मौका दिख रहा है.

इल फुजीटीवो नाम के यूजर ने जीवन की संभावना वाला ग्रह मिलने की खबर पर टिप्पणी करते हुए लिखा है कि इंसान द्वारा नष्ट किए जाने के लिए कुछ नया...

विशाल कपूर की भी शिकायत है. उनका कहना है कि सिर्फ इसलिए कि उन्होंने इसे खोजा है , नाम रखने का हक उन्हें नहीं मिल जाना चाहिए. वे केपलर-452बी का नाम गजोधर रखना चाहते हैं.

एमजे/आरआर

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